पुरी में जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति, 3 श्रद्धालुओं की मौत, 120 लोग अस्पताल में भर्ती
Puri Rath Yatra: पुरी में जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति में 3 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 120 लोग घायल होकर अस्पताल में भर्ती कराए गए। प्रशासन राहत और जांच में जुटा है।
- Written By: अर्पित शुक्ला
पुरी में जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति (Image- Social Media)
Puri Stampede: ओडिशा के पुरी में मंगलवार को आयोजित जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान ग्रैंड रोड पर भारी भीड़ उमड़ने से भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। अधिकारियों के अनुसार, भीड़ और धक्का-मुक्की के कारण करीब 120 श्रद्धालुओं को सांस लेने में तकलीफ हुई, जिसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
SRU टीमों ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही स्पेशल रेस्क्यू यूनिट (SRU) की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। प्रभावित श्रद्धालुओं को प्राथमिक उपचार के बाद पुरी मेडिकल अस्पताल ले जाया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सभी 120 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मौत की खबरों पर अभी पुष्टि नहीं
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में इस घटना में तीन लोगों की मौत होने का दावा किया गया है। हालांकि, इस खबर के प्रकाशित होने तक जिला प्रशासन या संबंधित अधिकारियों की ओर से किसी भी मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
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प्रशासन ने श्रद्धालुओं से भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सतर्क रहने और सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। घटना के कारणों की जांच की जा रही है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
कैसे हुआ हादसा?
पुरी में घटनास्थल पर मौजूद एक श्रद्धालु ने बताया कि मरीचि कुंड चौक के पास या तो बाहरी घेरे की रस्सी की बैरिकेड गिर गई, या कुछ लोग अपना संतुलन खो बैठे और सड़क पर गिर गए। उन्होंने बताया कि उन्होंने लगभग 40 से 50 लोगों को एक-दूसरे के ऊपर गिरते देखा, जिससे कई श्रद्धालु घायल हो गए और चार से पांच को गंभीर चोटें आई हैं।
इसके अलावा, सूत्रों ने यह भी दावा किया कि गुरुवार को श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भीड़ और लगातार बारिश के बीच घुटन और विभिन्न चोटों की शिकायत करने वाले लगभग 200 मरीजों को अब तक पुरी के अस्पतालों और अस्थायी स्वास्थ्य सुविधाओं में भर्ती कराया गया है।
गुरुवार को पवित्र तटीय शहर पुरी में भव्य वार्षिक रथ यात्रा देखने के लिए लाखों लोग एकत्रित हुए। विश्व प्रसिद्ध वार्षिक रथ यात्रा उत्सव की शुरुआत निर्धारित समय से पहले ही दिन में दिव्य भाई-बहनों और अन्य देवी-देवताओं के लिए ‘पहंडी बीजे’ अनुष्ठान के साथ हुई।
क्या होता है पहंडी?
‘पहंडी बीजे’ अनुष्ठान के दौरान, पवित्र भाई-बहनों और अन्य देवी-देवताओं को 12वीं शताब्दी के श्री जगन्नाथ मंदिर से उनके संबंधित सजे-धजे रथों तक भव्य जुलूस में ले जाया गया। इस जुलूस में घंटा, कहली और तेलिंगी बाजा जैसे पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मनमोहक और दिव्य ध्वनि गूंज रही थी।
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पुजारियों ने पवित्र वैदिक मंत्रों का जाप किया और पारंपरिक ओडिसी कलाकारों ने अपने मनमोहक नृत्य प्रदर्शनों से देवताओं का उनके जन्मस्थान माने जाने वाले गुंडिचा मंदिर में नौ दिवसीय प्रवास के लिए स्वागत किया। हालांकि ‘पहंडी बीजे’ की रस्में निर्धारित समय से पहले शुरू हो गईं, लेकिन गुरुवार को उनके समापन में दो घंटे से अधिक की देरी हुई।
-एजेंसी इनपुट के साथ
