कांग्रेस नेताओं के साथ प्रियंका गांधी। इमेज-सोशल मीडिया
Priyanka Gandhi Assam Visit : असम विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही राज्य में सियासी वार-पलटवार का दौर चरम पर पहुंच गया है। अपने असम दौरे के दूसरे दिन कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर तीखा हमला बोला। प्रियंका ने गौरव गोगोई और उनके परिवार को पाकिस्तान लिंक के आरोपों में घसीटने को घटिया राजनीति करार दिया।
सोनापुर में मशहूर गायक जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि देने के बाद मीडिया से मुखातिब प्रियंका ने कहा कि मुख्यमंत्री चुनाव से पहले घबरा गए हैं। उन्होंने कहा कि जब विकास की बात करने के लिए कुछ नहीं बचता, तब भाजपा निजी और बेबुनियाद आरोप लगाती है। गौरव गोगोई सही रास्ते पर हैं और जनता जानती है कि उन्हें निशाना क्यों बनाया जा रहा है। प्रियंका ने तंज कसते हुए कहा कि हिमंता आज भी इस बात पर रो रहे कि कांग्रेस ने उन्हें 10 साल पहले मुख्यमंत्री नहीं बनाया तो उनकी गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
प्रियंका गांधी ने असम सरकार के खिलाफ 20 बिंदुओं वाली एक चार्जशीट जारी करते हुए तीन बुनियादी सवाल पूछे-
विकास का हिसाब : मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा बताएं कि असम के युवाओं को कितनी नौकरियां मिलीं?
महिला सुरक्षा बनाम रेवड़ी : भाजपा सरकार चुनाव से पहले महिलाओं के खाते में पैसे तो डालती है, लेकिन क्या पिछले पांच वर्षों में उन्हें सुरक्षा और आत्मनिर्भरता मिली?
संपत्ति का केंद्रीकरण : राज्य की संपत्ति जनता के हाथ से निकलकर एक विशेष परिवार की तिजोरी में क्यों जा रही है?
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प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने भी मोर्चा संभाला। भूपेन बोरा को आखिरी हिंदू नेता बताने वाले मुख्यमंत्री के बयान पर गोगोई ने उन्हें असम का जिन्ना करार दिया। उन्होंने कहा कि हिमंता को नेताओं को हिंदू होने का सर्टिफिकेट देना बंद करना चाहिए। भाजपा में शामिल होने वाले नेता अपनी अहमियत खो देते हैं और यही हाल भाजपा में शामिल हुए पूर्व कांग्रेसी नेताओं का होने वाला है। असम की इस सियासी जंग ने साफ कर दिया है कि आने वाले चुनाव केवल विकास पर नहीं, बल्कि पहचान और व्यक्तिगत साख की लड़ाई भी होंगे।