मणिपुर में ‘बागी’ बनाना चाहते हैं सरकार…बीजेपी लगाएगी ब्रेक, विधायकों को समझाएगी पार्टी
हिंसा से जूझ रहे मणिपुर से खबर आई थी कि कुछ विधायकों ने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया है। इनमें भाजपा के विधायक भी शामिल हैं।
- Written By: अर्पित शुक्ला
File Photo
नई दिल्ली: हिंसा से जूझ रहे मणिपुर से एक दिन पहले खबर आई थी कि कुछ विधायकों ने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया है। इनमें बीजेपी के 8 विधायक भी शामिल हैं, जिन्होंने अपने साथ 44 विधायकों का समर्थन होने की बात कही है।
हालांकि, अब इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भाजपा राज्य में सरकार बनाने की जल्दी में नहीं है और फिलहाल मणिपुर में राष्ट्रपति शासन ही जारी रहेगा।
जल्द नहीं हटेगा राष्ट्रपति शासन
रिपोर्ट में केंद्र सरकार के सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि राज्य में राष्ट्रपति शासन को जल्द हटाए जाने की संभावना नहीं है। रिपोर्ट की माने तो केंद्र और मणिपुर दोनों के लिए फिलहाल प्राथमिकता सरकार का गठन नहीं, बल्कि शांति स्थापना है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार बनाने के लिए शुरू की गई कोई भी राजनीतिक हलचल शांति प्रक्रिया को पटरी से उतार सकती है, क्योंकि राज्य में हाल-फिलहाल में फिर हिंसा के मामले सामने आए हैं।
भाजपा का शीर्ष नेतृत्व नहीं चाहता सरकार
रिपोर्ट में बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि न भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व और न केंद्र सरकार अभी सरकार गठन चाहती है। इसकी संभावना बहुत कम है। वहीं, एक विधायक ने इसको लेकर कहा कि भाजपा में अनुशासन की संस्कृति है। केंद्रीय नेतृत्व तय करता है कि पार्टी का नेतृत्व कौन करेगा। हमें उसका पालन करना होगा। एक पार्टी पदाधिकारी ने कहा कि उम्मीद है कि शीर्ष नेतृत्व हस्तक्षेप कर विधायकों से बात करेगा। उन्होंने कहा कि नेतृत्व विधायकों की हताशा को समझता है।
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सरकार गठन में कई चुनौतियां
एक बीजेपी नेता ने कहा कि इसकी कम गारंटी है कि विधायक अपने मतभेदों को अलग रख पाएंगे, खासकर जातीय विभाजन को देखते हुए। रिपोर्ट में एक सूत्र ने कहा कि पहली बाधा मुख्यमंत्री के चयन को लेकर होगा।
