चुनाव से पहले 'दलबदल' का खेल शुरू, फोटो- सोशल मीडिया
Political Desertion In India: देश के अलग-अलग राज्यों में विधानसभा चुनावों से ठीक पहले दलबदल का सिलसिला तेज हो गया है। असम में भाजपा की एक मौजूदा मंत्री कांग्रेस में शामिल हो गई हैं, तो वहीं केरल में सीपीएम की घोषित उम्मीदवार ने भाजपा का दामन थाम लिया है।
विधानसभा चुनावों की तारीखें नजदीक आते ही भारतीय राजनीति में पाला बदलने और समीकरण बिगड़ने का दौर शुरू हो गया है। असम और केरल, दोनों ही राज्यों में सत्ता और विपक्ष के बीच चल रही जंग अब उम्मीदवारों के इस्तीफों और नई जॉइनिंग तक पहुँच गई है। यह बदलाव केवल छोटे कार्यकर्ताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सरकार के मंत्री और चुनाव के लिए घोषित उम्मीदवार भी शामिल हैं, जो ऐन वक्त पर अपनी वफादारियां बदलकर सियासी हवा का रुख मोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
असम की हिमंत बिस्वा सरमा सरकार के लिए सोमवार का दिन एक बड़े रणनीतिक झटके के साथ आया। खेल और युवा कल्याण मंत्री नंदिता गरलोसा ने भाजपा को अलविदा कहकर कांग्रेस का दामन थाम लिया है। दरअसल, गरलोसा दिमा हसाओ की अपनी मौजूदा सीट हाफलोंग से दोबारा टिकट मांग रही थीं, लेकिन भाजपा ने उनकी जगह रुपाली लांगथासा को अपना उम्मीदवार बना दिया। टिकट कटने से नाराज होकर उन्होंने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया।
अब कांग्रेस ने उन्हें उसी हाफलोंग सीट से अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया है। दिलचस्प बात यह है कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने डैमेज कंट्रोल की कोशिश करते हुए बीते रविवार को खुद गरलोसा के घर जाकर उनसे मुलाकात की थी, लेकिन उनकी यह ‘होम विजिट’ नाकाम रही और गरलोसा ने विपक्षी खेमे में जाना बेहतर समझा।
दूसरी ओर, दक्षिण भारत के केरल में भी सियासी समीकरणों ने ऐसी पलटी मारी है जिसकी कल्पना एलडीएफ ने नहीं की थी। वर्कला विधानसभा सीट से सत्तारूढ़ सीपीएम की आधिकारिक उम्मीदवार स्मिता सुंदरेशन ने पाला बदलते हुए भाजपा की सदस्यता ले ली है। स्मिता न केवल पार्टी की एरिया कमेटी मेंबर थीं, बल्कि वे जाने-माने सीपीएम नेता कल्लम्बलम सुंदरेशन की बेटी भी हैं।
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केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर और केरल प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर ने उन्हें पार्टी में शामिल कराया, जिसके तुरंत बाद भाजपा ने उन्हें वर्कला सीट से एनडीए का उम्मीदवार घोषित कर दिया है। स्मिता का वर्कला में गहरा प्रभाव है और उन्हें जीत का प्रबल दावेदार माना जा रहा था, ऐसे में उनका भाजपा में जाना वामपंथी सरकार के लिए एक बड़ा झटका है।
असम की पूर्व मंत्री नंदिता गोरलोसा ने BJP से इस्तीफा देकर कांग्रेस में शामिल हुई। (सोर्स: कांग्रेस) pic.twitter.com/C8EZ5fmKKP — ANI_HindiNews (@AHindinews) March 23, 2026
असम और केरल दोनों ही राज्यों में 9 अप्रैल, 2026 को मतदान होना है, और नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 23 मार्च है। इन दोनों बड़ी घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि चुनावी जीत सुनिश्चित करने के लिए पार्टियां और उम्मीदवार विचारधारा से ऊपर उठकर फैसले ले रहे हैं। भाजपा जहां केरल में वामपंथ के चेहरों को जोड़कर अपनी जड़ें मजबूत कर रही है, वहीं कांग्रेस असम में भाजपा के ही असंतुष्ट मंत्रियों के सहारे मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के किले में सेंध लगाने की तैयारी में है।