असम चुनाव का 'महा-मुकाबला': 100 सीटों पर कांग्रेस का दांव, गौरव गोगोई का 'प्लान-6' हिला पाएगा हिमंत का किला?

Assam Assembly Election 2026: असम विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने 100 सीटों पर लड़ने का ऐलान किया है। गौरव गोगोई ने पांच अन्य दलों के साथ गठबंधन कर सीएम हिमंत को चुनौती देने की रणनीति तैयार की है।
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गौरव गोगोई, फोटो- सोशल मीडिया
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Assam Assembly Election Congress Strategy: असम की राजनीति में इस समय चुनावी सरगर्मियां अपने चरम पर हैं और सत्ता की चाबी हासिल करने के लिए बिसात बिछाई जा चुकी है। 'ग्रैंड ओल्ड पार्टी' कांग्रेस ने इस बार अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए सत्ताधारी भाजपा को घेरने के लिए चक्रव्यूह तैयार कर लिया है।

असम कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी पार्टी इस बार अकेले नहीं, बल्कि एक संयुक्त मोर्चे के साथ चुनावी रण में उतर रही है। कांग्रेस के लोगों की मानें तो यह चुनाव केवल प्रतिनिधियों को चुनने का मौका नहीं है, बल्कि यह असम के भविष्य की दिशा और विचारधारा की वह जंग है, जिसमें विपक्ष एकजुट होकर भाजपा के विजयरथ को रोकने की कोशिश कर रहा है।

5 साथियों के साथ मैदान में उतर रही है कांग्रेस

असम विधानसभा की कुल 126 सीटों के लिए होने वाले इस चुनाव में कांग्रेस ने अपने लिए 100 सीटों का लक्ष्य निर्धारित किया है। गौरव गोगोई ने शनिवार को घोषणा की कि कांग्रेस पांच अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रीय और राष्ट्रीय दलों के साथ मिलकर यह चुनाव लड़ेगी। इस गठबंधन में असम जातीय परिषद, रायजोर दल, माकपा (CPIM), सीपीआई (ML) और ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस शामिल हैं। गोगोई का मानना है कि इस 'महागठबंधन' के जरिए भाजपा विरोधी वोटों के बिखराव को रोका जा सकेगा, जिससे हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली सरकार को सत्ता से बाहर करने का रास्ता साफ होगा। पार्टी ने अपने गठबंधन सहयोगी 'रायजोर दल' के लिए 11 सीटें छोड़ी हैं, जो जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश है।

गौरव गोगोई की 'नई सोच' वाली रणनीति

इस बार कांग्रेस केवल पुराने ढर्रे पर नहीं चल रही है, बल्कि गौरव गोगोई ने 'नई सोच और नए चेहरों' के साथ मैदान में उतरने का फैसला किया है। पार्टी अब तक कुल 94 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर चुकी है, जिन्हें चार अलग-अलग लिस्ट के माध्यम से जनता के सामने लाया गया है। गोगोई का कहना है कि आज की युवा पीढ़ी कांग्रेस के साथ जुड़ना चाहती है और वे अपने राजनीतिक परिवारों की पुरानी सोच से अलग होकर खुद के फैसले ले रहे हैं। पार्टी ने कई ऐसे उम्मीदवारों को टिकट दिया है जो पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं, जैसे कि तिताबर विधानसभा क्षेत्र में एक जमीनी कार्यकर्ता को मौका दिया गया है। माजुली सीट पर कांग्रेस ने डॉ. इंद्रनील बेगु जैसे समाजसेवी और शिक्षाविद पर दांव लगाया है, जिन्हें पार्टी अपनी जीत का बड़ा आधार मान रही है।

हिमंत सरकार पर प्रहार और सत्ता वापसी का 'ब्लूप्रिंट'

राजनीतिक मोर्चे पर कांग्रेस ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ सीधा और तीखा हमला बोला है। गौरव गोगोई ने आरोप लगाया है कि भाजपा अपनी उपलब्धियों के दम पर नहीं, बल्कि डर, धमकी और अफवाहों की राजनीति के सहारे जनता का विश्वास जीतना चाहती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कई नेताओं के कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जाने से भाजपा मजबूत नहीं बल्कि कमजोर हुई है, क्योंकि अब वहां वही पुराने कांग्रेसी चेहरे भरे हुए हैं। कांग्रेस की इस रणनीति में कुछ कड़े फैसले भी लिए गए हैं, जिसके तहत कुछ मौजूदा विधायकों के टिकट भी काट दिए गए हैं। हालांकि, गोगोई का कहना है कि यह निर्णय पार्टी के व्यापक हित और संगठन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।

चुनावी तारीखों के बीच शुरू होगा नतीजों का काउंटडाउन

असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनावी बिगुल बज चुका है और अब सभी की नजरें 9 अप्रैल, 2026 की तारीख पर टिकी हैं। इस दिन एक ही चरण में पूरे राज्य में मतदान होना है। उम्मीदवारों के पास अपना नामांकन दाखिल करने के लिए 23 मार्च तक का समय है। कांग्रेस, जो 2016 से इस पूर्वोत्तर राज्य की सत्ता से बाहर है, इस बार वापसी के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। वर्तमान विधानसभा में भाजपा के पास 64 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास केवल 26 हैं। 4 मई को जब चुनावी नतीजे सामने आएंगे, तो यह साफ हो जाएगा कि क्या गौरव गोगोई का यह गठबंधन मॉडल असम की जनता के दिल में जगह बना पाया या भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता का स्वाद ले गई।

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