
मिलिंद ढवले (सौजन्य : सोशल मीडिया)
इंदौर : मध्यप्रदेश के इंदौर में जन्मी स्वर सम्राज्ञी लता मंगेशकर का आज जन्म दिवस है। इसी मौके पर शहर के कलाकार मिलिंद ढवले ने उन्हें अनूठे अंदाज में श्रद्धांजलि दी है। इस मौके पर उन्होंने लता का जबरदस्त पोट्रेट बनाया है। इस ब्लैक एंड व्हाइट पोट्रेट की सबसे खास बात ये है कि इसमें रेखाओं के रुप में मंगेशकर के 90 हिट गानों के मुखड़े बड़े अलग अंदाज में लिखे गए हैं।
31 इंच लंबे और 23 इंच चौड़े इस पोर्ट्रेट की सबसे खास बात यह भी है कि इसमें गानों के मुखड़ों को खास जगह पर लिखा गया है। मसलन ‘‘बिंदिया चमकेगी, चूड़ी खनकेगी” गीत के मुखड़े को लता मंगेशकर के चेहरे की बिंदी की जगह पर ही लिखा गया है, तो उनके होंठों की जगह ‘‘धीरे-धीरे बोल, कोई सुन ना ले” गाने का मुखड़ा से उकेरा गया है।
55 वर्षीय ढवले ने इस पोर्ट्रेट में “ऐ मेरे वतन के लोगों” गीत को मंगेशकर के कपाल पर लिखा है, क्योंकि उनका मानना है कि मातृभूमि के लिए शहीद सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान को याद दिलाकर देशभक्ति की भावना जगाने वाला यह नगमा भारतीय नागरिकों के जेहन पर आज भी छाया हुआ है। पोर्ट्रेट में मंगेशकर के 90 हिट गीतों के मुखड़े इतनी सफाई से लिखे गए हैं कि इनकी इबारत पास से देखने पर ही समझ आती है। दूर से देखने पर ये मुखड़े पोर्ट्रेट की रेखाओं के रूप में ही नजर आते हैं।
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धवले ने शनिवार को “पीटीआई-भाषा” को दिए इंटरव्यू में बताया है कि यह पोर्ट्रेट उन्होंने मंगेशकर के 90वें जन्मदिन पर बनाया था और वह कोशिश करते रहे है कि किसी तरह उन्हें यह कलाकृति भेंट करें, लेकिन उनकी ख्वाहिश पूरी न हो सकी। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे हमेशा इस बात का मलाल रहेगा कि मैं मंगेशकर से मिलकर उन्हें यह पोर्ट्रेट भेंट नहीं कर सका।”
आपको बता दें कि स्वर सम्राज्ञी लता मंगेशकर का जन्म मध्य प्रदेश के इंदौर में 28 सितंबर 1929 को हुआ था। उनका जन्म इंदौर के महाराजा यशवंत अस्पताल में हुआ था। उन्हें स्वर कोकिला भी कहा जाता है। बॉलीवुड में अपने सुर बिखरने के बाद लता मंगेशकर ने 6 फरवरी 2022 को मुंबई में 92 साल की उम्र में आखिरी सांस ली थी ।
(एजेंसी इनपुट के साथ)






