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मुंबई: जानेमाने शायर गुलजार का जन्म 18 अगस्त, 1934 को झेलम जिले के दीना गांव में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है। गुलजार 18 अगस्त को अपना 90वां जन्मदिन मना रहे हैं। गुलजार साहब का असली नाम ‘संपूर्ण सिंह कालरा’ है। गुलजार अपने कॉलेज के दिनों से ही सफेद कपड़े पहन रहे हैं। गुलजार को बचपन से ही लिखने का बड़ा शौक था। लेकिन, उनके पिता को यह पसंद नहीं था।
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गुलजार ने फिर भी अपना लिखने का शौक जारी रखा और आज उनकी लिखी हुई शायरी लोगों की ज़ुबान पर है। गुलज़ार फिल्मों में आने से पहले गैराज मकेनिक के तौर पर काम किया करते थे। उन्होंने साल 1961 विमल रॉय के साथ असिसटेंट का काम किया। बाद में उन्होंने ऋषिकेश मुखर्जी और हेमंत कुमार के सहायक के तौर पर भी काम किया।
गुलजार ने साल 1963 में रिलीज हुई फिल्म ‘बंदिनी’ के लिए अपना पहला गाना ‘मोरा गोरा अंग लेई ले’ लिखा था। यह गाना सुपरहिट साबित हुआ। साल 1971 में फ़िल्म ‘मेरे अपने’ के ज़रिये निर्देशन के क्षेत्र में भी कदम रखा। बंगाली फ़िल्म ‘अपनाजन’ की रीमेक थी। गुलज़ार की ज्यादातर फिल्मों में फ्लैशबैक देखने को मिलता है। उनका मानना है कि अतीत को दिखाए बिना फ़िल्म पूरी नहीं हो सकती।
गुलज़ार ने साल 1973 में रिलीज हुई फ़िल्म कोशिश के लिए साइन लैंग्वेज सीखी थी। क्योंकि ये फ़िल्म मूक-वधिर विषय पर थी। इस फ़िल्म में संजीव कुमार और जया भादुड़ी थे। गुलज़ार साहब के लिखे हुए बाल गीत आज भी लोगों को याद हैं। जिनमें हम को मन की शक्ति देना दाता, मन विजय करें और जंगल-जंगल बात चली पता चला है, चड्ढी पहन के फूल खिला है फूल खिला है शामिल हैं। इन गानों को सुनकर हर कोई अपने बचपन को याद करने लग जाता है।
गुलज़ार साहब को 20 बार फिल्मफेयर तो 5 राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्हें साल 2010 में फिल्म ‘स्लमडॉग मिलेनेयर’ के गाने ‘जय हो’ के लिए ग्रैमी अवार्ड भी मिला था। भारतीय सिनेमा में उनके योगदान को देखते हुए साल 2004 में उन्हें देश के तीसरे बड़े नागरिक सम्मान पद्मभूषण से सम्मानित किया गया। वहीं, उन्हें साल 2013 में दादा साहेब फालके अवॉर्ड से भी नवाज़ा जा चुका है।
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गुलज़ार साहब ने हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में कोशिश, परिचय, अचानक, खूशबू, आंधी, मौसम, किनारा, मेरे अपने, मीरा, किताब, नमकीन, इजाजत, लिबास, अंगूर, लेकिन, माचिस और हू तू तू जैसी कई फिल्मों का निर्देशन भी किया है। गुलज़ार साहब उर्दू में लिखना पसंद करते हैं। वहीं, उन्हें टेनिस खेलना बेहद पसंद है, और वे सुबह टेनिस जरूर खेलते हैं।