भूमिपूजन करते यवतमाल जिला परिषद सीईओ (फोटो नवभारत)
Yavatmal Gharkul Construction Deadline: यवतमाल जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मंदार पत्की ने शुक्रवार को उमरखेड़ तालुका के निंगनूर ग्राम पंचायत का औचक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने घरकुल योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्यों की जमीनी समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “घरकुल केवल एक सरकारी योजना नहीं है, बल्कि यह गरीब परिवारों के सम्मान और उनके आशियाने का सपना है।” उन्होंने प्रशासन और लाभार्थियों दोनों को कड़े निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में अब कोई टालमटोल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
समीक्षा के दौरान मंदार पत्की ने एक निश्चित समय-सीमा तय करते हुए निर्देश दिया कि निंगनूर में सभी निर्माणाधीन घरों का काम 1 मई तक अनिवार्य रूप से पूर्ण हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसी दिन लाभार्थियों का सामूहिक गृहप्रवेश सुनिश्चित किया जाए। कार्यक्रम की शुरुआत में उन्होंने क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले के चित्र का पूजन किया और 10 नए पात्र लाभार्थियों के घरों का भूमिपूजन अपने कर-कमलों से संपन्न किया। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं से संवाद करते हुए उन्हें निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता की निगरानी में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रोत्साहित किया।
निरीक्षण के दौरान कुछ ऐसे मामले सामने आए जहां लाभार्थियों ने 15,000 रुपये की पहली किस्त तो प्राप्त कर ली है, लेकिन निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं किया गया है। इस स्थिति पर सीईओ ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किस्त लेने के बावजूद कार्य शुरू नहीं किया गया, तो प्रशासन उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगा। उनका संदेश साफ था कि सरकारी धन का उपयोग केवल और केवल घर बनाने के लिए ही होना चाहिए, अन्यथा लाभार्थी परिणामों के लिए तैयार रहें।
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यवतमाल जिला परिषद सीईओ के इस आकस्मिक दौरे और सख्त तेवरों से उमरखेड़ तालुका के प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया है। इस दौरान समूह विकास अधिकारी किरण कोलपे ने लाभार्थियों को तकनीकी मार्गदर्शन दिया। ग्राम पंचायत के सरपंच सुरेश बरडे ने योजना को सफल बनाने के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। इस महत्वपूर्ण बैठक और निरीक्षण के दौरान पूर्व सरपंच बालाजी महाले, पूर्व उपसरपंच अंकुश राठोड, ग्राम विस्तार अधिकारी बी.एल. तांबारे, घरकुल अभियंता निखिल वानखेडे, और ग्राम रोजगार सेवक फाजलखान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।