पीएम आवास योजना (सोर्स: सोशल मीडिया)
Free Sand For Gharkul Beneficiaries: यवतमाल जिले के उमरखेड़ तालुका में प्रधानमंत्री आवास योजना (घरकुल) के तहत अपना आशियाना बनाने का सपना देख रहे हजारों लाभार्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। लंबे समय से रेत की कमी और निर्माण कार्यों में आ रही बाधाओं को लेकर चल रहे विवाद का अंत हो गया है। लाभार्थियों द्वारा किए गए ‘डफड़े बजाओ’ आंदोलन के दबाव में प्रशासन ने अंततः घरकुल निर्माण के लिए अधिकतम पांच ब्रास रेत अधिकृत रूप से उपलब्ध कराने का ऐतिहासिक आदेश जारी कर दिया है।
तहसीलदार और तालुका दंडाधिकारी कार्यालय ने महाराष्ट्र शासन की ‘रेत निर्गमन नीति 2025’ के आलोक में 10 फरवरी को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। तहसीलदार आर. यू. सुरडकर एवं समूह विकास अधिकारी किरण कोलपे के अनुसार, रेत का वितरण पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होगा। इसके लिए स्वतंत्र टीमों का गठन किया गया है जो समूह विकास अधिकारी द्वारा प्रमाणित लाभार्थियों की सूची का सत्यापन करेंगे। सत्यापन के बाद ही परिवहन पास जारी किए जाएंगे, जिससे पात्र व्यक्ति को बिना किसी परेशानी के तत्काल रेत मिल सके।
प्रशासन ने इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार या अवैध उत्खनन को रोकने के लिए सख्त नियम बनाए हैं। रेत वितरण की पूरी जानकारी एक स्वतंत्र रजिस्टर में दर्ज की जाएगी और हर दिन की रिपोर्ट पंचायत समिति को सौंपी जाएगी। रेत परिवहन के बाद संबंधित पास को तुरंत रद्द कर जमा करना अनिवार्य होगा। यदि किसी निर्धारित घाट पर रेत का स्टॉक कम पाया जाता है, तो प्रशासन वैकल्पिक स्थानों से रेत उपलब्ध कराने की व्यवस्था करेगा, ताकि निर्माण कार्य न रुके।
उमरखेड़ तालुका में रेत की उपलब्धता के लिए कई प्रमुख स्थानों और पैनगंगा नदी के घाटों को चिन्हित किया गया है। आपूर्ति के मुख्य केंद्रों में टाकली, नागापुर, बेलखेड, दहागांव नाला, नागेशवाड़ी, सुकली, मारलेगांव, चातारी, माणकेश्वर, कारखेड, तिवरंग, झाडगांव, बिटरगांव खुर्द, भोजनगर, रतन नाईक नगर, मुरली निंगनूर, नारली, टाकली नाला, बोरगांव, डोंगरगांव, भवानी नाला, खरबी, कोर्टा और चिखली नाला शामिल हैं।
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प्रशासन के इस त्वरित निर्णय से घरकुल लाभार्थियों में संतोष का माहौल है। अब तक रेत की ऊंची कीमतों और अनुपलब्धता के कारण कई घरों का निर्माण अधूरा पड़ा था। लाभार्थियों का मानना है कि इस आदेश के बाद अब प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में गति आएगी और गरीब परिवारों को समय पर अपना घर मिल सकेगा।