यवतमाल में बजट पेश (सौजन्य-नवभारत)
ZP Yavatmal Revenue: यवतमाल जिला परिषद यवतमाल के वित्तीय वर्ष 2026-27 के मूल बजट तथा 2025-26 के संशोधित बजट का खर्च का विवरण तैयार किया गया है। जिला परिषद के वसंतराव नाईक सभागृह में जिला परिषद मुख्याधिकारी मंदार पत्की ने बजट प्रस्तुत किया। प्रस्तावित बजट के अनुसार विभिन्न विभागों के लिए निधि का प्रावधान किया गया है, जिसमें शिक्षा विभाग को सबसे अधिक राशि आवंटित की गई है।
प्रस्ताव के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल 34 करोड़ 8 लाख 91 हजार रुपये का मूल बजट प्रस्तावित किया गया है। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 का संशोधित बजट 42 करोड़ 81 लाख 23 हजार रुपये था। विभागवार निधि की बात करें तो शिक्षा विभाग के लिए लगभग 25 करोड़ 20 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है, जो सभी विभागों में सबसे अधिक है।
इसके अलावा सामान्य प्रशासन, निर्माणकार्य विभाग, कृषि, समाज कल्याण, महिला व बाल कल्याण तथा पशुसंवर्धन विभागों के लिए भी अलग-अलग निधि निर्धारित की गई है। कृषि विभाग के लिए करीब 2 करोड़ 74 लाख रुपये, पशुसंवर्धन विभाग के लिए 73 लाख रुपये, जबकि महिला व बाल कल्याण विभाग के लिए 1 करोड़ 8 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा सार्वजनिक स्वास्थ्य, सिंचाई, स्वास्थ्य, अभियांत्रिकी और सामुदायिक विकास जैसे विभागों के लिए भी निधि तय की गई है।
यहां बता दें कि मुख्य कार्यकारी अधिकारी मंदार पत्की ने वित्तीय वर्ष 2025–26 के संशोधित अनुमान तथा वर्ष 2026–27 के मूल बजट का आय का विवरण प्रस्तुत किया है। प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026–27 के लिए कुल 16 करोड़ 80 लाख 62 हजार रुपये की राजस्व प्राप्ति का अनुमान लगाया गया है।
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बजट में कर व शुल्क से 20 लाख रुपये की आय का अनुमान रखा गया है, जबकि स्थानीय उपकर से 2 करोड़ 90 लाख रुपये प्राप्त होने की संभावना जताई गई है। इसी प्रकार शासकीय अनुदान से 24 लाख रुपये तथा ब्याज से 8 करोड़ 50 लाख रुपये की आय का अनुमान है।
इसके अलावा शिक्षा विभाग से 15 हजार रुपये, कृषि विभाग से 3 लाख रुपये तथा पशु संवर्धन विभाग से 15 लाख रुपये की आय अपेक्षित है। सार्वजनिक निर्माणकार्य विभाग से 6 करोड़ 84 लाख 70 हजार रुपये की आय का अनुमान रखा गया है। वहीं निवृत्ति वेतन में 30 लाख रुपये तथा संकीर्ण जमा से 3 करोड़ 80 लाख रुपये प्राप्त होने की संभावना है।
वित्तीय वर्ष 2025–26 के संशोधित अनुमान के अनुसार कुल राजस्व प्राप्ति 21 करोड़ 87 लाख 49 हजार 713 रुपये दर्शाई गई है, जबकि उसी वर्ष के मूल बजट में यह आंकड़ा 17 करोड़ 30 लाख 44 हजार रुपये था। जिला परिषद मुख्य कार्यकारी अधिकारी मंदार पत्की के अनुसार आगामी वर्ष के लिए तैयार किया गया यह बजट विभिन्न विभागों के कार्यों और योजनाओं के संचालन के लिए आधार बनेगा।