वर्धा जिला परिषद (सौजन्य-नवभारत)
Wardha Zilla Parishad Scholarship: वर्धा जिला परिषद का वित्तीय वर्ष 2026–27 का मूल बजट तथा वर्ष 2025–26 का अंतिम संशोधित बजट प्रस्तुत किया गया। मुख्य कार्यकारी अधिकारी पराग सोमन ने अपने कक्ष में आयोजित बैठक में यह बजट पेश किया। बजट में जिले के विकास तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लिए कई महत्वपूर्ण और विशेष प्रावधान किए गए हैं।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुरज गोहाड, उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी अमोल भोसले, मुख्य लेखा एवं वित्त अधिकारी मनोज पाते सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे। जिले के सर्वांगीण विकास को गति देने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों के लिए आवश्यक आर्थिक प्रावधान किए गए हैं।
इस बजट में शिक्षा, समाज कल्याण, दिव्यांग कल्याण, जलापूर्ति, कृषि, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल कल्याण विभाग सहित विभिन्न विकास योजनाओं के लिए निधि निर्धारित की गई है। वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए मूल बजट 22 करोड़ 50 लाख रुपये का प्रस्तावित किया गया है, जबकि वर्ष 2025–26 का अंतिम संशोधित बजट 30 करोड़ 80 लाख रुपये का है।
उल्लेखनीय है कि प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान यह चौथा बजट है। वर्ष 2023 और 2024 में रोहन घुगे, वर्ष 2025 में जितीन रहमान ने बजट प्रस्तुत किया था, जबकि इस बार मुख्य कार्यकारी अधिकारी पराग सोमन ने बजट पेश किया।
वर्ष 2025–26 के संशोधित बजट में पंचायत समिति, ग्राम पंचायत और पंचायत राज कार्यक्रमों के लिए 12 करोड़ 11 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा निर्माण कार्यों के लिए 4 करोड़ रुपये, समाज कल्याण विभाग के लिए 3 करोड़ 6 लाख रुपये, जलापूर्ति विभाग के लिए 4 करोड़ 11 लाख रुपये तथा महिला एवं बाल कल्याण विभाग के लिए 1 करोड़ 73 लाख रुपये की राशि निर्धारित की गई है।
वहीं वर्ष 2026–27 के मूल बजट में जलापूर्ति विभाग के लिए 4 करोड़ 66 लाख रुपये, समाज कल्याण के लिए 1 करोड़ 51 लाख रुपये, दिव्यांग कल्याण के लिए 45 लाख रुपये, महिला एवं बाल कल्याण के लिए 70 लाख 50 हजार रुपये तथा पंचायत समिति और ग्राम पंचायतों के लिए 8 करोड़ 63 लाख रुपये की निधि का प्रावधान किया गया है।
राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे मुख्यमंत्री पंचायत राज अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बजट में 10 प्रतिशत निधि आरक्षित रखी गई है। जिला परिषद स्कूलों की कक्षा 5वीं, 7वीं और 8वीं के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति परीक्षाओं के शुल्क के लिए भी बजट में विशेष प्रावधान किया गया है।
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आर्थिक कठिनाइयों के कारण किसी भी विद्यार्थी को शिक्षा के अवसरों से वंचित न रहना पड़े, इस उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। इसके अलावा कक्षा 8वीं के विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय आर्थिक दुर्बल घटक छात्रवृत्ति योजना (एनएमएमएस) परीक्षा के शुल्क हेतु भी बजट में निधि रखी गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को इन परीक्षाओं में भाग लेने में सुविधा होगी।
दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए भी बजट में महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल की गई हैं। इसके तहत दिव्यांगों को स्कूटी वितरण योजना के लिए प्रावधान किया गया है। साथ ही दिव्यांग छात्राओं को किसान विकास पत्र योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता देने का प्रावधान भी किया गया है। अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस बजट के माध्यम से योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होगा और आने वाले समय में जिले के नागरिकों को इसका लाभ मिलेगा।