यवतमाल में 11,605 महिलाओं के विकास का संकल्प, 538 बचत समूहों को मिला 22.90 करोड़ रुपये का ऋण
Women Self Help Groups Yavatmal: यवतमाल में माविम के यशस्विनी केंद्र की 16वीं वार्षिक सभा संपन्न। वित्त वर्ष 2025-26 में 538 महिला बचत समूहों को 22.90 करोड़ रुपये का ऋण वितरित कर किया आत्मनिर्भर।
- Written By: केतकी मोडक
यवतमाल में माविम के यशस्विनी केंद्र की 16वीं वार्षिक सभा (सोर्स - फोटो नवभारत)
Yavatmal Yashaswini Lok Sadhan Kendra: यवतमाल में महिला आर्थिक विकास महामंडल (माविम) के अंतर्गत कार्यरत यशस्विनी लोकसंचालित साधन केंद्र को 16वीं वार्षिक आम सभा गंगा-काशी सभागार में उत्साहपूर्ण वातावरण में आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्घाटन शीतल संजय राठोड ने क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले एवं महात्मा ज्योतिबा फुले के चित्रों का पूजन कर किया। इस अवसर पर अतिथियों का पौधे, शॉल एवं श्रीफल देकर सम्मान किया गया। साथ ही संस्था की वर्ष 2025-26 को वार्षिक रिपोर्ट का विमोचन भी किया गया,
महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा
अपने संबोधन में शीतल राठोड ने कहा कि महिला बचत समूह केवल आर्थिक गतिविधियों का माध्यम नहीं हैं, बल्कि महिलाओं के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी मंच हैं। बचत समूहों के माध्यम से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत हुई है। परिवार के विकास में महिलाओं की भूमिका अधिक प्रभावी बनी है तथा आज महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में सफलतापूर्वक कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बचत समूहों के माध्यम से अनेक महिलाओं ने उद्योग व्यवसाय स्थापित कर अपनी अलग पहचान बनाई है। इस आंदोलन को और मजबूत करने के लिए सभी महिलाओं से एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया।
22 90 करोड़ रुपये कर्ज बांटा
वित्त वर्ष 2025-26 में यशस्विनी लोकसंचालित साधन केंद्र के माध्यम से 538 बचत समूहों को 22 करोड़ 90 लाख 35 हजार 745 रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया, वहीं 1,044 समूहों के माध्यम से 36 करोड़ 85 लाख 65 हजार रुपये का आंतरिक ऋण लेनदेन हुआ। कार्यक्रम में महिला बचत समूहों को ढाई करोड़ रुपये के ऋण चेक वितरित किए गए। स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर अन्य महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने वाली उद्यमी प्रतिभाताई वाघमारे सहित अनेक महिलाओं का विशेष सत्कार किया गया।
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उपस्थित अतिथियों ने कहा कि महिला बचत समूहों के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण एवं सामाजिक परिवर्तन में माविम तथा लोकसंचालित साधन केंद्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और संस्था के कार्यों की सराहना की।
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11,605 महिलाओं के विकास का संकल्प
- प्रस्तावना में सुनंदा मानकर ने संस्था द्वारा संचालित विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों की जानकारी दी।
- उन्होंने बताया कि संस्था 49 गांवों एवं शहरी क्षेत्र के कुल 1,055 महिला बचत समूहों की 11,605 महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रही है।
- ग्रामीण क्षेत्रों की गरीब, जरूरतमंद, अनुसूचित जनजाति, विधवा, तलाकशुदा, अल्पभूधारक एवं मजदूर वर्ग की महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं, प्रशिक्षण एवं आजीविका परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं।
