बार मालिकों ने दी चेतावनी (सौजन्य-नवभारत)
Yavatmal Wine Bar Association Protest: यवतमाल शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती अवैध शराब बिक्री के विरोध में अधिकृत वाइन बार मालिकों ने आक्रामक रुख अपनाया है। गांव-गांव में बिना अनुमति शराब बेची जा रही है, तो फिर हम लाखों रुपये की लाइसेंस फीस क्यों भरें? यह सवाल उठाते हुए यवतमाल शहर वाइन बार एसोसिएशन ने सामूहिक निर्णय लिया है कि जब तक अवैध शराब बिक्री पर रोक नहीं लगती, तब तक मार्च 2026 की लाइसेंस फीस जमा नहीं की जाएगी।
वाइन बार एसोसिएशन की बैठक गुरुवार, 12 फरवरी को आर्णी रोड स्थित एक होटल में आयोजित की गई। इस बैठक में यवतमाल और आसपास के क्षेत्रों के सभी वाइन बार मालिक और पदाधिकारी उपस्थित थे।
सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि मार्च 2026 में देय लाइसेंस फीस कोई भी सदस्य जमा नहीं करेगा। इसी के विरोध में गुरुवार को एक बार फिर वाइन बार एसोसिएशन ने राज्य उत्पाद शुल्क अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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उनका कहना है कि गांवों में अवैध शराब की बिक्री के कारण अधिकृत व्यवसायियों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। इस मुद्दे को लेकर 14 जुलाई को भी संबंधित विभाग को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
गांवों में कई स्थानों पर अवैध शराब की बिक्री जारी है। अंडा गाड़ी, ढाबों, खानावलों और हाथगाड़ियों पर खुलेआम अवैध शराब बेची जा रही है, फिर भी प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।