Shalarth ID Scam: यवतमाल जाएगी SIT टीम, पाबंदी के बीच कैसे हुईं 755 भर्तियां? TET घोटाले से कनेक्शन!
Shalarth ID Scam Yavatmal: यवतमाल में फर्जी शालार्थ आईडी और शिक्षक भर्ती घोटाला। SIT की टीम जल्द करेगी यवतमाल का दौरा। 755 संदिग्ध नियुक्तियों की होगी गहराई से जांच।
- Written By: प्रिया जैस
शालार्थ आईडी घोटाला (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Fake Teacher Recruitment Maharashtra: नागपुर संभाग में फर्जी शालार्थ लिए शासन द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) सबूतों की गहराई से पड़ताल करते हुए एक-एक आरोपी को गिरफ्तार कर रहा है। इसी घोटाले में यवतमाल के लगातार दो शिक्षा अधिकारियों के फंसने के बाद अब एसआईटी का फोकस यवतमाल की ओर मुड़ने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार आने वाले कुछ दिनों में अधिकारियों की टीम यवतमाल पहुंच सकती है। शालार्थ घोटाले की शुरुआत में केवल नागपुर संभाग के लिए एसआईटी गठित की गई थी, लेकिन बाद में यह सामने आया कि ऐसे घोटाले राज्य के अन्य जिलों में भी हुए हैं। इसके चलते एसआईटी का दायरा पूरे राज्य तक बढ़ा दिया गया।
इसी दौरान यवतमाल से नागपुर स्थानांतरित हुए शिक्षा अधिकारी चिंतामण वंजारी इस घोटाले में फंसे। इसके बाद नागपुर की एक संस्था में कार्यरत दिग्रस तालुका का एक शिक्षक भी फर्जी शालार्थ आईडी मामले में पकड़ा गया। अब पूर्व में नागपुर में कार्यरत और वर्तमान में यवतमाल में पदस्थ शिक्षा काटोलकर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
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यहां भी हुई बैंक डेटेड नियुक्तियां
पूर्व शिक्षा अधिकारियों के कार्यकाल में यहां ‘बैंक डेटेड’ नियुक्तियों का जमकर खेल हुआ है। अब इसकी भी जांच होने की संभावना जताई जा रही है। फर्जी शालार्थ आईडी के साथ साथ बोगस शिक्षक भर्ती का मामला भी फिलहाल चर्चा में है। इसी पृष्ठभूमि में जिले के शिक्षा विभाग का कामकाज सवालों के घेरे में आ गया है।
TET जांच के दौरान सामने आया आंकड़ा
शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) घोटाले के बाद फर्जी शिक्षकों की पहचान करते समय यह नियुक्ति आंकड़ा सामने आया था। वर्ष 2018 की टीईटी परीक्षा में कई अभ्यर्थियों ने पैसे देकर उत्तीर्ण प्रमाणपत्र हासिल किए थे। ऐसे ‘बोगस’ शिक्षकों को पकड़ने के लिए परीक्षा परिषद ने शिक्षा अधिकारियों से शिक्षक नियुक्तियों की जानकारी और प्राथमिक शिक्षकों के टीईटी प्रमाणपत्र मांगे थे।
कुछ शिक्षक अल्पसंख्यक, अनुकंपा से हुए नियुक्त
शिक्षा विभाग का कहना है कि प्रतिबंध के दौरान कुछ शिक्षक अल्पसंख्यक स्कूलों में नियुक्त हुए, कुछ को अदालत के आदेश से नियुक्ति मिली, तो कुछ अनुकंपा तत्व पर भर्ती किए गए। हालांकि, यदि एसआईटी ने गहराई से जांच की, तो सच्चई सामने आ सकती है।
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बंदी के बावजूद नियुक्त किए गए शिक्षक
| तालुका | संख्या |
|---|---|
| पुसद | 112 |
| यवतमाल | 108 |
| महागांव | 77 |
| उमरखेड | 59 |
| पांढरकवडा | 56 |
| दिग्रस | 58 |
| घाटजी | 42 |
| आर्णी | 34 |
| नेर | 32 |
| बाभूलगांव | 28 |
| राळेगांव | 31 |
| वणी | 34 |
| दारव्हा | 32 |
| मारेगांव, झरी, कळंब | 57 |
भ्रष्टाचार के मामले में और भी अधिकारी शामिल होने की संभावना
शालार्थ घोटाले में गिरफ्तार यवतमाल के ये दो ही नहीं, बल्कि एक अन्य शिक्षा अधिकारी का कार्यकाल भी विवादित रहा है। यदि एक ही। ही जिले के दो-दो शिक्षा अधिकारी घोटाले में फंस रहे है, तो एसआईटी को यहां आकर पूरे कामकाज की गहन जांच करनी ही चाहिए।”
- अरविंद देशमुख, प्रांत अध्यक्ष, विदर्भ माध्यमिक शिक्षक संघ
