घोड़बंदर रोड पर एमएमआरडीए का इंजीनियरिंग कमाल, 252 टन वजनी फुट ओवर ब्रिज तैयार
MMRDA ने Ghodbunder Road पर 252 टन वजनी फुट ओवर ब्रिज का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। व्यस्त ट्रैफिक और मेट्रो वायाडक्ट के बीच यह इंजीनियरिंग उपलब्धि चर्चा का विषय बनी हुई है।
- Written By: अपूर्वा नायक
एमएमआरडीए फुट ओवर ब्रिज परियोजना (सौ. सोशल मीडिया )
MMRDA Ghodbunder Road Foor Over Bridge: मुंबई के घोड़बंदर रोड पर एमएमआरडीए ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच इंजीनियरिंग का शानदार नमूना पेश करते हुए 252 टन वजनी विशाल फुट ओवर ब्रिज का सफलतापूर्वक निर्माण किया है।
ब्रह्मांड जंक्शन को टीकुजीनिवाडी मेट्रो स्टेशन से जोड़ने वाले इस पुल के लिए 59.63 मीटर लंबे चार भारी स्टील गर्डर स्थापित किए गए। व्यस्त यातायात मार्ग और ऊपर मौजूद मेट्रो वायाडक्ट के बीच अत्यंत सटीकता और सुरक्षा के साथ पूरा किया गया यह कार्य मुंबई की आधुनिक शहरी बुनियादी ढांचा क्षमता को दर्शाने का काम कर रहा है।
मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण ने घोड़बंदर रोड पर एक और महत्वपूर्ण शहरी बुनियादी ढांचा उपलब्धि हासिल करते हुए ब्रह्मांड जंक्शन को टीकुजिनीवाडी मेट्रो स्टेशन से जोड़ने वाले फुट ओवर ब्रिज का निर्माण पूरा कर लिया है।
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अत्यंत व्यस्त यातायात मार्ग और उसके ठीक ऊपर मौजूद मेट्रो वायाडक्ट जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच इस परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा किया गया। एमएमआरडीए के अनुसार इस मेगा इंजीनियरिंग ऑपरेशन के तहत 59.63 मीटर लंबे और 252 मीट्रिक टन वजनी चार विशाल स्टील गर्डरों की स्थापना की गई।
कार्य को अंजाम देने कई क्रेनों की लेनी पड़ी मदद
यह कार्य मुंबई महानगर क्षेत्र के सबसे व्यस्त ट्रैफिक कॉरिडोर में से एक घोडबंदर रोड के ऊपर लगभग 6.167 मीटर की ऊंचाई पर किया गया। इस जटिल कार्य को अंजाम देने के लिए मल्टी-एक्सल कैरियर के साथ दो पुलर, 250 मीट्रिक टन क्षमता वाली दो क्रेन, 800 मीट्रिक टन क्षमता की एक भारी क्रेन और 15 मीट्रिक टन क्षमता वाली चार सहायक क्रेनों का उपयोग किया गया। पूरे अभियान में 60 से अधिक इंजीनियरी, सुपरवाइजर्स और तकनीकी कर्मचारियों की टीम तैनात रही।
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उन्नत इंजीनियरिंग क्षमताओं का प्रतीक
एमएमआरडीए अधिकारियों ने बताया कि सीमित स्थान और भारी यातायात जैसी चुनौतियों के बावजूद गर्डर स्थापना कार्य को अत्यंत सटीकता, सुरक्षा और बेहतर समन्वय के साथ पूरा किया गया। प्राधिकरण के मुताबिक यह परियोजना मुंबई में विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे, तकनीकी नवाचार और उन्नत इंजीनियरिंग क्षमताओं का प्रतीक है।
