सड़ी-गली लाश और एक छोटा-सा सुराग; यवतमाल पुलिस ने 72 घंटों में सुलझाया सनसनीखेज हत्याकांड
Sahastrakund Dam Murder Case: यवतमाल और नांदेड़ की सीमा पर स्थित सहस्त्रकुंड बांध में मिली अज्ञात लाश की गुत्थी को बिटरगांव पुलिस ने एक टेलर के लेबल के जरिए सुलझा लिया।
- Written By: प्रिया जैस
गोवंडी में हत्या (डिजाइन फोटो)
Yavatmal Police Crime: यवतमाल जिले के पैनगंगा नदी पर स्थित सहस्त्रकुंड बांध में ताड़पत्री में लिपटा मिला अज्ञात शव आखिरकार एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा साबित हुआ। जांच में सामने आया कि बेटे ने ही अपनी मां की मदद से पिता की हत्या कर सबूत मिटाने के इरादे से शव को बांध में फेंक दिया था।
बिटरगांव पुलिस ने तकनीकी जांच और सिलाई मशीन के एक छोटे से लेबल के आधार पर इस जघन्य अपराध की गुत्थी सुलझाई। बीते 9 जनवरी को सहस्त्रकुंड बांध में सड़ी-गली हालत में एक अज्ञात शव बरामद हुआ था। शव की पहचान न हो पाने के कारण पुलिस के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई थी।
पुलिस की चार टीमें जांच में जुटी
मामले की गंभीरता को देखते हुए यवतमाल के पुलिस अधीक्षक ने जांच के लिए चार विशेष टीमें गठित की थीं। जांच के दौरान हिंगोली, नांदेड और तेलंगाना सीमा से सटे इलाकों के पुलिस पाटिलों से संपर्क किया गया। इसी दौरान जलधरा (ता. किनवट) के पुलिस पाटिल सुरेश वाघमारे ने मारोती गंगाराम डुकरे (उम्र 60) के लापता होने की जानकारी दी।
सम्बंधित ख़बरें
घाटखेड़ा हादसा: तालाब में डूबकर मौत की घटनाओं में हो रहा इजाफा, प्रशासन की अनदेखी और लोगों की लापरवाही है वजह
दस्तूर नगर सीधे समृद्धि महामार्ग से जुड़ेगा, अमरावती में 840 करोड़ की सड़क परियोजना को मिली रफ्तार
लाखनी में मातोश्री ग्रामसमृद्धि योजना पर उठे सवाल, खेत सड़क निर्माण में घटिया सामग्री इस्तेमाल के आरोप
अमरावती चुनाव को लेकर भाजपा में हलचल तेज, स्थानीय स्वराज्य संस्था चुनाव के लिए टिकट की दौड़ शुरू
यवतमाल पुलिस ने संदेह के आधार पर मृतक के बेटे प्रदीप मारोती डुकरे (25) और पत्नी पार्वताबाई मारोती डुकरे से पूछताछ की, लेकिन दोनों ने गोलमोल जवाब दिए। बिटरगांव पुलिस थाने में अपराध क्रमांक 02/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (हत्या) और 238 (सबूत नष्ट करना) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की जांच की जा रही है।
यह भी पढ़ें – वरना मैं भी उसी चार्टर्ड विमान में होता…महादेव जानकर का सनसनीखेज दावा, अजित पवार के साथ करने वाले थे सफर
‘टेलर का लेबल’ बना निर्णायक सबूत
पुलिस द्वारा घर की तलाशी लेने पर मृतक के कपड़ों और घर में मिले अन्य कपड़ों पर एक ही प्रकार का सिलाई लेबल “City Mens Tailor” पाया गया। इस महत्वपूर्ण सबूत से संदेह और गहरा गया। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी प्रदीप ने पिता की हत्या करने की बात कबूल कर ली। इस मामले में कोई ठोस सबूत न होने और मृतक की पहचान न हो पाने के कारण जांच बेहद चुनौतीपूर्ण थी।
हालांकि जिला पुलिस अधीक्षक कुमार चिंता, उपविभागीय पुलिस अधीक्षक हनुमंत गायकवाड, एलसीबी पुलिस निरीक्षक सतीश चवरे, सहायक पुलिस निरीक्षक मनीष गावंडे तथा बिटरगांव थाने के प्रभारी पांडुरंग शिंदे और जमादार रोशन सरनाईक की कुशल जांच से आखिरकार मृतक की पहचान कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
