property tax campaign Maharashtra (सोर्सः सोशल मीडिया)
Yavatmal Municipal Council: वित्तीय वर्ष के अंतिम महीने में यवतमाल नगर परिषद ने संपत्ति कर वसूली अभियान तेज कर दिया है। मार्च एंडिंग को ध्यान में रखते हुए नगर परिषद प्रशासन द्वारा शहर में बकाया संपत्ति कर की वसूली के लिए विशेष मुहिम चलाई जा रही है।
नगर परिषद के कर अधीक्षक प्रकाश गोती के अनुसार, यवतमाल शहर में कुल 1 लाख 16 हजार 155 संपत्तियां दर्ज हैं। चालू वित्तीय वर्ष में पालिका ने 28 करोड़ 7 लाख रुपये संपत्ति कर वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके मुकाबले अब तक 14 करोड़ 34 लाख रुपये की वसूली की जा चुकी है। शेष राशि की वसूली के लिए अभियान को और अधिक तेज कर दिया गया है।
नगर परिषद प्रशासन का कहना है कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अब कम समय बचा है, इसलिए सभी करदाताओं से समय पर कर जमा करने की अपील की जा रही है। साथ ही बकाया करदाताओं से सीधे संपर्क कर वसूली की जा रही है। जरूरत पड़ने पर बकाया करदाताओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जा सकती है। प्रशासन का यह भी कहना है कि जिन संपत्तिधारकों ने लंबे समय से कर जमा नहीं किया है, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाने की तैयारी की जा रही है।
नागरिकों को राहत देने के उद्देश्य से नगर परिषद द्वारा अभय योजना लागू की गई है। इस योजना के तहत बकाया संपत्ति कर पर लगने वाले ब्याज में छूट दी जा रही है, जिससे नागरिकों को बकाया कर चुकाने में सुविधा होगी। पालिका के अनुसार इस योजना के तहत करीब 1500 नागरिकों को लाभ मिलने की संभावना है। प्रशासन का मानना है कि इस योजना के माध्यम से कई पुराने बकाया कर जमा हो सकेंगे और कर वसूली में बढ़ोतरी होगी।
संपत्ति कर वसूली को गति देने के लिए नगर परिषद प्रशासन ने 8 विशेष टीमों का गठन किया है। इन टीमों में पालिका के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। ये टीमें शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर बकाया करदाताओं से संपर्क कर रही हैं और उन्हें जल्द से जल्द कर जमा करने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
नगर परिषद के मुख्याधिकारी शुभम क्यातमवार ने शहर के सभी संपत्तिधारकों से अपील की है कि वे समय रहते अपना संपत्ति कर जमा करें और अभय योजना का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि इससे न केवल नागरिकों को ब्याज से राहत मिलेगी, बल्कि शहर के विकास कार्यों के लिए आवश्यक निधि भी उपलब्ध हो सकेगी। मुख्याधिकारी के अनुसार, संपत्ति कर नगर परिषद की आय का प्रमुख स्रोत है, जिससे शहर में सड़क, पानी, स्वच्छता और अन्य विकास कार्यों को गति दी जाती है। इसलिए सभी नागरिकों का सहयोग बेहद जरूरी है।