Yavatmal जिले में महावितरण के अधीक्षक अभियंता प्रवीण दरोली का तबादला, बढ़ती शिकायतों के बाद कार्रवाई
Yavatmal Mahavitaran Row: बिजली-पानी संकट और तानाशाही कार्यप्रणाली के चलते अधीक्षक अभियंता प्रवीण दरोली का अचानक तबादला कर दिया गया है। उनकी जगह रूपेश टेंभुर्णे कमान संभालेंगे।
- Written By: केतकी मोडक
बिजली मीटर जांच पथकों द्वारा छापेमारी (सोर्स - फाईल फोटो)
Yavatmal Mahavitaran officer transfered: यवतमाल जिले मे भीषण गर्मी के बीच शहर में पानी की किल्लत से नागरिक पहले ही परेशान थे, वहीं दूसरी ओर बिजली आपूर्ति और महावितरण विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे थे। एक तरफ जलापूर्ति के लिए बिजली आपूर्ति में अड़चनें पैदा होने की शिकायतें थीं, तो दूसरी ओर शहर में बिजली मीटर जांच पथकों द्वारा अचानक की जा रही छापेमारी से आम नागरिकों में भय और नाराजगी का माहौल बन गया था।
पिछले दो-तीन दिनों से नागरिकों के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक स्तरों पर भी महावितरण विभाग के खिलाफ आक्रोश दिखाई दे रहा था। इसी बीच महावितरण के अधीक्षक अभियंता प्रवीण दरौलीका शुक्रवार 22 मई को अचानक तबादला कर उन्हें यवतमाल से परभणी भेज दिया गया। वहीं उनकी जगह पर नांदेड जोन के परभणी सर्कल के रूपेश टेंभुर्णे को यवतमाल अधीक्षक अभियंता की जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
बढ़ती शिकायतों, जनप्रतिनिधियों के रोष और नागरिकों के बढ़ते गुस्से के बाद यह कार्रवाई किए जाने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि दरोली की कार्यशैली को लेकर पिछले कई महीनों से असंतोष व्यक्त किया जा रहा था। नागरिकों और कुछ पदाधिकारियों ने उन पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने के आरोप लगाए थे। पानी आपूर्ति, बिजली कार्रवाई और शिकायतों के निवारण में भेदभावपूर्ण भूमिका निभाने के आरोप लगातार सामने आ रहे थे।
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सूत्रों के अनुसार, कुछ प्रभावशाली लोगों के बिजली बिल रोककर रखना, विशेष लोगों से ‘लक्ष्मी दर्शन’ यानी आर्थिक लाभ की अपेक्षा रखना तथा सामान्य नागरिकों को परेशान करना जैसे आरोपों से वरिष्ठ अधिकारियों के पास शिकायतों का अंबार लग गया था।
प्रशासनिक कारणों से बदल गए
लोगों के बीच चर्चा के माहोल से हटकर देखें तो महावितरण विभाग के सूत्रों के मुताबिक तबादले की प्रक्रिया प्रशासनिक कारणों के चलते की गई है। महावितरण की ओर से तकरीबन 16 अधीक्षक अभियंताओं को इधर से उधर कर दिया गया है।
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बिना पूर्व सूचना कार्रवाई से थी लोगों में भारी नाराजगी
गौरतलब है कि भीषण गर्मी के दौरान बिना पूर्व सूचना केव गई कार्रवाइयों से लोगों में भारी नाराजगी थी। कई इलाकों पानी की समस्या गंभीर होने के बावजूद शिकायतों पर ध्या नहीं दिया गया, जबकि जिन अधिकारियों के खिला शिकायतें थीं, उन्हें संरक्षण दिए जाने के आरोप भी साम आए। कुछ जनप्रतिनिधियों के साथ कथित तौर पर अभद्र भा का प्रयोग करने, मंत्रियों को भी नियम सिखाने की शैली व्यवहार करने और स्वयं को ऊर्जा मंत्री समझकर क करने की चर्चा विभागीय कर्मचारियों के बीच भी थी। बता जाता है कि एक बैठक में मंत्री की बात तक नहीं मानने माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया था।
