यवतमाल में 28 Sept से कुष्ठरोगी खोज अभियान;घर-घर होगी नागरिकों की जांच;कुष्ठरोग का प्रसार शून्य करने का लक्ष्य

Yavatmal Leprosy Search Campaign: यवतमाल में 28 सितंबर से 14 अक्टूबर तक कुष्ठरोगी खोज अभियान चलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में 100% आबादी और चयनित शहरी क्षेत्रों में घर-घर जांच होगी।
Yavatmal Leprosy Eradication Health Department
28 सितंबर से घर-घर कुष्ठरोग की जांचसोर्स: सोशल मीडिया
Published on
Updated on

Yavatmal Leprosy Eradication Health Department: यवतमाल जिले में 28 सितंबर से 14 अक्टूबर तक कुष्ठरोगी खोज अभियान चलाया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में 100 प्रतिशत आबादी और शहरी क्षेत्रों के चयनित जोखिमग्रस्त इलाकों में घर-घर जाकर जांच की जाएगी।

संदिग्ध मरीजों की चिकित्सा अधिकारियों से जांच कराकर पुष्टि होने पर तत्काल उपचार शुरू किया जाएगा।

2027 तक कुष्ठरोग का प्रसार शून्य करने का लक्ष्य

यवतमाल जिले में कुष्ठरोग के उन्मूलन के उद्देश्य से 28 सितंबर से 14 अक्टूबर तक विशेष कुष्ठरोगी खोज अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर नागरिकों की जांच करेंगी। जिलाधिकारी विकास मीना ने नागरिकों से अभियान में सहयोग करने और परिवार के सभी सदस्यों की जांच कराने की अपील की है।

ग्रामीण क्षेत्रों में 100 फीसदी आबादी की जांच

कुष्ठरोगी खोज अभियान के संबंध में जिला समन्वय समिति की बैठक जिलाधिकारी विकास मीना की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विशाल खत्री सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में अभियान के नियोजन, प्रभावी कार्यान्वयन और जनजागृति को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

अभियान के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों की 100 प्रतिशत आबादी को जांच के दायरे में लाया जाएगा। वहीं शहरी क्षेत्रों के चयनित जोखिमग्रस्त इलाकों में भी घर-घर जाकर नागरिकों की जांच की जाएगी।

आशा और पुरुष स्वयंसेवकों की टीमें

घर-घर जांच के लिए आशा स्वयंसेविकाओं तथा पुरुष स्वयंसेवकों के दल गठित किए जाएंगे। ये दल निर्धारित अवधि में नागरिकों की जांच करेंगे और कुष्ठरोग से संबंधित संदिग्ध लक्षण पाए जाने पर आगे की जांच के लिए संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों को जानकारी देंगे।

अभियान के दौरान संदिग्ध कुष्ठरोगियों की चिकित्सा अधिकारियों के माध्यम से जांच कराई जाएगी। जांच में कुष्ठरोग की पुष्टि होने पर मरीज का तत्काल उपचार शुरू किया जाएगा।

2027 तक प्रसार शून्य करने का लक्ष्य

बैठक में जिलाधिकारी विकास मीना ने कहा कि वर्ष 2027 तक जिले में कुष्ठरोग के प्रसार को शून्य करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को राज्य स्तर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अभियान प्रभावी ढंग से चलाने के निर्देश दिए।

उन्होंने अभियान की नियमित और गुणवत्तापूर्ण निगरानी के साथ विभिन्न माध्यमों से व्यापक जनजागृति करने पर भी जोर दिया।

Yavatmal Leprosy Eradication Health Department
पालघर में एटीएम धोखाधड़ी का पर्दाफाश, वॉकी-टॉकी से महिला को ठगने वाला आरोपी उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार

जांच दल का सहयोग करने की अपील

जिलाधिकारी ने नागरिकों से अपील की कि अभियान की निर्धारित अवधि के दौरान उनके घर पहुंचने वाले जांच दल को सहयोग करें और परिवार के सभी सदस्यों की जांच करवाएं। उन्होंने कहा कि कुष्ठरोग के उन्मूलन के लिए प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है।

अधिकारियों ने प्रस्तुत किया अभियान का नियोजन

बैठक में सहायक संचालक (कुष्ठरोग) डॉ. सुरेश आसोले ने राज्य स्तर से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए किए गए नियोजन की विस्तृत जानकारी दी।

बैठक में जिला शल्य चिकित्सक डॉ. सुखदेव राठोड, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुभाष ढोले, उपशिक्षणाधिकारी प्रदीप गोडे, प्रा. सुहास वाघमारे, महात्मा ज्योतिबा फुले कॉलेज ऑफ सोशल वर्क के प्राचार्य सचिन महल्ले, सहायक आयुक्त समाज कल्याण कार्यालय की डॉ. प्रीति दुधे, जिला कार्यक्रम व्यवस्थापक बोपचे और जिला आशा समन्वयक खंदारे सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com