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फर्जी टैंकर बिलों पर ‘डिजिटल’ लगाम, अब बिना GPS रिकॉर्ड के नहीं मिलेगा एक भी रुपया, सरकार सख्त

15th Finance Commission Yavatmal: यवतमाल की 1,176 ग्राम पंचायतों को 25 करोड़ रुपये मिले। 15वें वित्त आयोग की निधि से होगा विकास। टैंकरों के फर्जी बिल रोकने के लिए GPS अनिवार्य।

  • By प्रिया जैस
Updated On: Jan 03, 2026 | 10:36 AM

यवतमाल न्यूज

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Yavatmal Gram Panchayat Funds: 15 वें वित्त आयोग की निधि से ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया गया है। केंद्र सरकार की ओर से आवंटित की जाने वाली इस निधि से ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर विकास कार्य किए जाते हैं। इस साल निधि मिलने में देरी की शिकायतों के बीच, 1,176 ग्राम पंचायतों के लिए यवतमाल जिले को 24 करोड़ 98 लाख 99 हजार 67 रुपए की निधि प्राप्त हुई है।

निधि मिलने में देरी होने के कारण ग्राम पंचायतों के अंतर्गत होने वाले विकास कार्य रुक गए थे। वर्ष 2025-26 के लिए पहली किश्त दिसंबर में 1,176 ग्राम पंचायतों के खातों में सीधे जमा कर दी गई है। 15वें वित्त आयोग के माध्यम से ग्राम पंचायतों को गांवों के बुनियादी विकास कार्य करने होते है। वित्त आयोग की निधि सीधे ग्राम पंचायतों को मिलती है।

सरपंचों का बढ़ा सम्मान

इस निधि का उपयोग जलापूर्ति, स्वच्छता, कचरा प्रबंधन जैसी मूलभूत सुविधाओं पर किया जा सकेगा। वित्त आयोग की निधि बिना किसी हस्तक्षेप के सीधे मिलने के कारण पिछले कुछ वर्षों में ग्रामीण राजनीति में सरपंचों का सम्मान बढ़ा है।

दूसरी ओर, विकास कार्यों में भेदभाव और अनियमितताओं की शिकायतें भी जिला परिषद प्रशासन के पास पहुंच रही हैं। जिले की 1,176 ग्राम पंचायतों को यह राशि मिल जाने से ग्राम विकास के कार्यों में तेजी आएगी तथा नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं मिलेगी ऐसी उम्मीद जताई जा रही है।

यह भी पढ़ें – गडकरी के गढ़ नागपुर में बगावत, टिकट न मिलने से भाजपा को अपनों का झटका, नेताओं के फोन भी नहीं आए काम

टैंकर का ‘जीपीएस’ रिकॉर्ड देखकर पैसा देंगे

जलसंकट में कुछ गांवों में टैंकरों से जलापूर्ति की जाती है। पूर्व में टैंकरों के फर्जी फेरे दिखाकर बिल निकाले गए थे। इसे रोकने के लिए सरकार ने टैंकरों के ‘जीपीएस’ रिकॉर्ड देखकर ही बिल का भुगतान करने का नियम बनाया है।

जलसंकट पर खर्च 4.80 करोड़ का ब्यौरा

राज्य सरकार ने जिले में 2023 से 2025 की अवधि के दौरान जलसंकट दूर करने के लिए भेजे गए 4.80 करोड़ रुपए के खर्च का ब्यौरा संबंधित विभाग से मांगा है। सरकार ने चेताया है कि यदि 10 जनवरी तक ब्यौरा नहीं दिया गया तो इस स्वर्च को अनियमितता की श्रेणी में डाल दिया जाएगा। अमरावती संभागीय आयुक्त को यह निधि को जिला परिषद को वितरित करने को कहा गया है। यह राशि जिला प्रशासन की ओर से किए गए खर्च की प्रतिपूर्ति के रूप में दी गई है।

Yavatmal gram panchayat 15th finance commission funds gps tanker

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Published On: Jan 03, 2026 | 10:36 AM

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