यवतमाल की सड़कों पर उतरा छात्रों का सैलाब! मराठी स्कूलों को बंद करने की साजिश के खिलाफ फूटा गुस्सा
Yavatmal Protest News: यवतमाल में मराठी स्कूलों को बचाने के लिए विद्यार्थियों और अभिभावकों ने मोर्चा निकाला। इस मोर्चे के तहत विद्यार्थियों ने मराठी स्कूलों बंद करने के निर्णय को रद्द करने की मांग की।
- Written By: प्रिया जैस
यवतमाल में छात्रों का मोर्चा (सौजन्य-नवभारत)
Save Marathi Schools Yavatmal Protest News: राज्य सरकार द्वारा कम छात्रसंख्या के आधार पर हजारों मराठी स्कूलों को बंद करने की तैयारी के विरोध में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) ने राज्यव्यापी एल्गार का आह्वान किया था। जिसके तहत मंगलवार को श्रमशक्ति भवन से एक विशाल एल्गार मोर्चा निकाला गया।
इस मोर्चे का नेतृत्व राज्याध्यक्ष वैभव चोपकर, राज्य सचिव प्रतीक्षा ढोके, जिलाध्यक्ष अथर्व निवडिंग तथा शहराध्यक्ष अयान शाह ने किया। मोर्चा जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा, जहां विभिन्न मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया।
स्कूल बंद करने का निर्णय रद्द करें
कम छात्र संख्या के आधार पर स्कूल बंद करने का निर्णय तत्काल रद्द करना, छात्रसंख्या के आधार पर शिक्षक नियुक्ति नीति समाप्त करना, दत्तक स्कूल योजना रद्द कर शिक्षा का निजीकरण रोकना, सभी शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की त्वरित भर्ती, शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करना आदि शासन के समक्ष मांगे रखी गई है।
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इसके साथ ही 15 मार्च 2024 के शासन निर्णय को रद्द करने, शिक्षा के अधिकार (RTE) कानून के तहत सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने, स्कूलों को पर्याप्त निधि देने, पोषण आहार की गुणवत्ता सुधारने तथा शिक्षा पर जीडीपी का 6 प्रतिशत खर्च सुनिश्चित करने की मांग की गई।
हिंदी विषय जबरन न थोंपे
मोर्चा में यह भी मांग उठाई गई कि विद्यार्थियों पर हिंदी विषय जबरन न थोपा जाए, नरेंद्र जाधव समिति को रद्द किया जाए तथा केरल की तर्ज पर महाराष्ट्र में भी स्नातक स्तर तक शिक्षा पूरी तरह मुफ्त की जाए । इस मोर्चा में बड़ी संख्या में अभिभावक एवं विद्यार्थियों ने भाग लिया।
- मराठी स्कूलों को बचाने की मांग
- शिक्षा पर जीडीपी का 6 प्रतिशत खर्च सुनिश्चित करें
- 15 मार्च 2024 का शासन निर्णय रद्द करें
- स्नातक स्तर तक शिक्षा पूरी तरह मुफ्त की जाए
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इस दौरान भाकपा के जिल्हा सचिव अनिल घाटे, आयटक के जिलाध्यक्ष विजय ठाकरे, दिवाकर नागपुरे, एआइएसएफ के राज्याध्यक्ष वैभव चोपकर, राज्य सचिव प्रतीक्षा ढोके तथा अखिल भारतीय नौजवान सभा के राज्याध्यक्ष सागर दुर्योधन ने आंदोलन को समर्थन दिया।
सफलता के लिए अथर्व निवडिंग, अयान शाह, अभिजीत नगराले, रोशनी कांबले, पियुष सोनुले, अनुष्का आत्राम, भुवनेश्वरी चामाटे, प्रेम ठेंगणे, कृष्णा यनगंदेवार, भूषण गणवीर, संगीता गाडेकर, गुलाब उमरतकर, ईश्वर दरवरे और विठ्ठल मडावी सहित अनेक कार्यकर्ताओं, अभिभावक और विद्यार्थी बडी संख्या में उपस्थित थे।
