महाराष्ट्र: अप्रैल में शुरू होगा SIR! मुंबई में BJP की हाई-लेवल मीटिंग में हुआ बड़ा फैसला, सियासत तेज

Special Intensive Revision Maharashtra: महाराष्ट्र में मतदाता सूची का 'स्पेशल रिवीजन' (SIR) अप्रैल से! नागपुर में बीजेपी ने कसी कमर, कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग। क्या है SIR और क्यों है इस पर विवाद?
Special Intensive Revision (SIR) of voter lists to start in Nagpur/Maharashtra in April. BJP trains workers in Mumbai; some communities express fear over the process.
महाराष्ट्र में एसआईआर (सौजन्य-सोशल मीडिया, कंसेप्ट फोटो)
Published on: 
Updated on: 

Election Commission Maharashtra: मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इन्टेसिव रिवीजन (एसआईआर) अगले महीने ही महाराष्ट्र में शुरू होने वाला है। वोटर लिस्ट को पूरी तरह जांचकर अपडेट किया जाएगा। चुनाव आयोग देश के अनेक राज्यों में यह प्रक्रिया पूरी कर चुका है और अगले चरण में कुछ राज्यों के साथ ही महाराष्ट्र का भी समावेश होगा।

इसका उद्देश्य सही मतदाताओं को जोड़ना, गलत व डुप्लीकेट नाम हटाना, मृत या स्थान बदल चुके लोगों के नाम हटाकर सूची को साफ व सही करना है। एसआईआर का साया स्वाभाविक रूप से नागपुर पर भी पड़ने वाला है। सबसे बड़ी पार्टी भाजपा इस संदर्भ में अपने कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने की तैयारी कर रही है, ताकि अभियान के दौरान वे अपने-अपने क्षेत्र की सूची को अपडेट करवा सकें।

जानकारी के अनुसार, मुंबई में पार्टी की एक बैठक आयोजित की गई जिसमें एसआईआर के संदर्भ में मार्गदर्शन किया गया। इस बैठक में शहर अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी, महापौर नीता ठाकरे, स्थायी समिति सभापति शिवानी दाणी, मनपा में सत्तापक्ष नेता बाल्या बोरकर, संजय भेंडे, पूर्व विधायक सुधाकर कोहले सहित अन्य पदाधिकारी भी शामिल हुए।

डबल नाम हटाने पर विशेष ध्यान

जानकारी के अनुसार, मतदाता सूची में डबल नाम पर विशेष ध्यान रखने के संदर्भ में मार्गदर्शन किया गया। पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बूथ लेवल पर कार्यकर्ताओं को उनके क्षेत्र में मतदाता सूची की जांच करने हेतु प्रशिक्षित करें, ताकि अभियान जब शुरू हो तो बीएलओ को सही जानकारी पहुंचे।

वर्ष 2002 की सूची से रिकॉर्ड के मिलान, 18 प्लस के नये वोटर्स के नाम जुड़वाने के साथ ही डुप्लीकेट, मृत व शिफ्टेड लोगों के नाम हटाए गए या नहीं इस पर कार्यकर्ताओं को नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही नागरिकों को कोई परेशानी आ रही हो तो उनका सहयोग करने के संदर्भ में भी मार्गदर्शन किया गया। नागरिकों को सही दस्तावेज, आधार, वोटर आईडी आदि देना पड़ सकता है। सूची सही करने के लिए कौनसे फॉर्म भरना है, इसकी जानकारी भी दी गई।

विशेष समुदाय में भय

बताते चलें कि एसआईआर अभियान का अनेक राज्यों में विरोध हुआ है। विपक्ष भी सत्ताधारियों पर एसआईआर के बहाने विशेष समुदाय को टारगेट करने के आरोप लगाता रहा है। नागपुर में भी कुछ संगठनों ने जिला प्रशासन से एसआईआर शुरू करने के पूर्व नागरिकों के संभ्रम व भय को दूर करने के लिए सारी जानकारी स्पष्ट करने और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने की मांग कर चुके हैं। उन्हें भय है कि वे टारगेट किए जा सकते हैं।

तारीख नहीं हुई घोषित

चुनाव आयोग ने 1 अप्रैल से अभियान शुरू करने के निर्देश दिए थे लेकिन महाराष्ट्र सरकार व अधिकारियों ने जनगणना और अन्य कामों के कारण इसे टालने की मांग भी की है। समझा जा रहा है कि तारीख में कुछ आगे-पीछे हो सकता है लेकिन अप्रैल महीने ही अभियान शुरू होगा।