यवतमाल के एक ही गांव में रुकवाए दो बाल विवाह, प्रशासन ने शादी कराने वालों को दी सख्त चेतावनी

Yavatmal Child Marriage News: यवतमाल के भोयर गांव में प्रशासन ने दो नाबालिग लड़कियों की शादी रुकवाई। परिजनों की काउंसलिंग कर उन्हें कानूनी कार्रवाई और सजा के प्रावधानों के प्रति आगाह किया गया।
Yavatmal Child Marriage Stops
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Yavatmal Child Marriage Stops: महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में बाल विवाह की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए प्रशासन लगातार सक्रिय नजर आ रहा है। यवतमाल के भोयर गांव में एक ही दिन में दो बाल विवाह रोककर जिला बाल संरक्षण इकाई ने महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, भोयर गांव में दो 17 वर्षीय नाबालिग लड़कियों की शादी कराए जाने की गोपनीय सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को मिली थी। सूचना मिलते ही बाल संरक्षण टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आंगनवाड़ी सेविकाओं की मदद से दोनों लड़कियों की उम्र की जांच की। सरकारी रिकॉर्ड में दोनों की उम्र 18 वर्ष से कम पाई गई, जिससे यह विवाह कानूनन बाल विवाह की श्रेणी में आता था।

परिजनों की काउंसलिंग की

प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर लड़कियों के परिजनों की काउंसलिंग की और उन्हें बाल विवाह के कानूनी परिणामों से अवगत कराया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अनुसार लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष होना अनिवार्य है। दोनों नाबालिग लड़कियों को उनके अभिभावकों के साथ बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। यह कार्रवाई जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी विशाल जाधव, जिला बाल संरक्षण अधिकारी देवेंद्र राजूरकर और चाइल्ड हेल्पलाइन समन्वयक फाल्गुन पालकर के मार्गदर्शन में की गई। इस अभियान में चाइल्ड हेल्पलाइन के गणेश आत्राम, पूजा शेलारे, भोयर के पुलिस पाटिल मनोज मेश्राम, आंगनवाड़ी सेविका प्रणाली मेश्राम, आशा वर्कर सुलोचना सापोडे तथा यवतमाल ग्रामीण पुलिस स्टेशन के निरीक्षक जाधव और पुलिस कर्मचारी कैलास लोथे शामिल थे।

विवाह में शामिल सभी होगी कानूनी कार्रवाई

यवतमाल जिला प्रशासन ने चेतावनी दी कि नाबालिगों की शादी कराने पर न केवल परिवार के सदस्य, बल्कि विवाह से जुड़े अन्य सेवा प्रदाता जैसे मंडप सजाने वाले, फोटोग्राफर और केटरिंग कर्मी भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आएंगे। इस अपराध के लिए 1 लाख रुपये तक का जुर्माना और 2 साल तक की सजा का प्रावधान है।

जिला बाल संरक्षण इकाई ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिले तो तुरंत ग्रामसेवक, सरपंच, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पुलिस पाटिल या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

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