यवतमाल ग्राम पंचायत चुनाव (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Ward Formation Schedule Maharashtra: यवतमाल की स्थानीय राजनीति का केंद्र माने जाने वाले जिले की 1015 ग्राम पंचायतों के सार्वत्रिक चुनावों की प्रक्रिया अब औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। राज्य सरकार के ग्राम विकास विभाग ने 17 फरवरी 2026 को वार्ड (प्रभाग) गठन का आधिकारिक कार्यक्रम जारी किया है। इसके बाद से प्रशासनिक मशीनरी की हलचल तेज हो गई है।
जिले की कुल 1015 ग्राम पंचायतों के लिए वार्ड गठन कार्यक्रम घोषित किया गया है। इसमें पुरानी 980 ग्राम पंचायतों के साथ वर्ष 2024 में कार्यकाल समाप्त हुई ग्राम पंचायतें तथा 35 नवगठित ग्राम पंचायतें शामिल हैं। जनवरी से दिसंबर 2026 के बीच जिन 10 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है तथा जो नई स्थापित हुई हैं, उनके चुनाव एक साथ कराए जाएंगे।
विशेष बात यह है कि 10 दिसंबर 2024 को कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक के अधीन चल रही ग्राम पंचायतों को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया गया है। पूरी चुनावी प्रक्रिया महाराष्ट्र ग्राम पंचायत अधिनियम 1958 तथा वर्ष 2022 के संशोधित नियमों के तहत संचालित की जाएगी। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 20 फरवरी को तहसीलदारों द्वारा गांव के नक्शों का ‘सुपर इम्पोज’ कर अंतिम रूप दिया जाएगा।
27 फरवरी को समूह विकास अधिकारी और ग्राम सेवकों की संयुक्त निरीक्षण प्रक्रिया के बाद वार्डों का विभाजन एवं सीमांकन होगा। 5 मार्च को तहसीलदार की अध्यक्षता में प्रारूप वार्ड गठन की विस्तृत जांच की जाएगी। 11 से 17 मार्च के बीच उपविभागीय अधिकारियों के माध्यम से प्रस्ताव जिलाधिकारी को भेजे जाएंगे।
जिलाधिकारी ‘नमुना ब’ की जांच कर प्रस्ताव राज्य निर्वाचन आयोग को प्रेषित करेंगे। 23 से 30 मार्च के बीच राज्य निर्वाचन आयोग की प्राथमिक स्वीकृति तथा समिति की अंतिम मंजूरी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
यह भी पढ़ें – अपनों ने ही लूटा! चंद्रपुर में बहुमत के बाद भी गंवाई सत्ता, वडेट्टीवार और धानोरकर पर गिरेगी गाज
लोकतांत्रिक अधिकारों को ध्यान में रखते हुए 9 अप्रैल 2026 को मसौदा वार्ड गठन प्रकाशित किया जाएगा। नागरिक 13 अप्रैल तक अपनी आपत्तियां और सुझाव दर्ज करा सकेंगे। प्राप्त आपत्तियों पर 21 अप्रैल को सुनवाई होगी और 23 अप्रैल तक उसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी। जिलाधिकारी 28 अप्रैल को अंतिम वार्ड गठन पर मुहर लगाएंगे और 4 मई 2026 को ‘नमुना अ’ में अंतिम वार्ड गठन प्रकाशित किया जाएगा।
वार्ड गठन अंतिम होने के बाद आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी तथा मतदाता सूची का अपडेट कार्य किया जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि सितंबर 2026 तक जिले में प्रत्यक्ष मतदान की प्रक्रिया पूरी हो सकती है। इस घोषणा के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इच्छुक उम्मीदवारों की नजर इस बात पर टिकी है कि वार्ड गठन में उनका गांव या बस्ती किस प्रभाग में शामिल होगी।