कहीं पिता का नाम 'महाराष्ट्र' तो कहीं 'नागपुर', मतदाता सूची का नहीं निपटा घालमेल, फिर भी होंगे चुनाव

Nagpur Voter List Issue: नागपुर मनपा चुनावों से पहले मतदाता सूची में गड़बड़ियां सामने आई हैं। कहीं पिता का नाम ‘महाराष्ट्र’ तो कहीं मतदाता का नाम ‘नागपुर’ दर्ज है। शिकायतों के बावजूद सुधार नहीं हुई।
Nagpur Municipal Corporation Voter List Irregularities
वोटर लिस्ट में पिता के नाम के आगे 'नागपुर' व 'महाराष्ट्र' लिखा (फोटो नवभारत)
Published on
Updated on

Nagpur Municipal Corporation Voter List Irregularities: नागपुर निर्वाचन आयोग ने राज्य की 2 महानगरपालिकाओं के आम चुनावों के लिए मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम-202-शुरू किया। आयोग ने 17 अक्टूबर 202-को इस संबंध में महानगरपालिका आयुक्त को पत्र जारी किया। मतदाता सूची में गड़बड़ियां होने के कारण चुनाव आयोग ने कई बार प्रारूप मतदाता सूची को अंतिम करने से पूर्व मतदाताओं को इसमें सुधार के लिए आपत्तियां और सुझाव दर्ज कराने का समय दिया जिसके अनुसार मतदाताओं की ओर से सुधार के आवेदन भी किए गए।

किंतु आलम यह है कि अब राज्य चुनाव आयोग की ओर से चुनावों क घोषणा तो कर दी लेकिन मतदाता सूची पूरी तरह से सटीक नहीं हो पाई है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मतदाता सूची में अभी भी कहीं पिता का नाम 'महाराष्ट्र' तो मतदाता का नाम 'नागपुर' तक लिखा हुआ आ रहा है। इस संदर्भ में शिकायत करने के बावजूद महानगरपालिका की ओर से कोई सुधार नहीं किया जा रहा है।

क्या जानबूझकर कर रही मनपा

उल्लेखनीय है कि पूर्व पार्षद मंसूर खान की ओर से इस संदर्भ में एक शिकायत दर्ज कराई गई। वर्ष 2024 में हुए राज्य के विधानसभा चुनावों में उनका नाम पूरी तरह से सही था। यदि महानगरपालिका के दावे पर विश्वास किया जाए तो प्रारूप मतदाता सूची इसी विधानसभा चुनावों की सूची के आधार पर तैयार की गई। ऐसे में प्रारूप मतदाता सूची में उनके पिता का नाम मतदाता के रूप में तथा मतदाता का नाम पिता के नाम की जगह कैसे हो गया? यह समझ से परे है। मंसूर खान ने प्रशासक को दी शिकायत में पूरे दस्तावेज भी प्रस्तुत किए किंतु आलम यह है कि उनके कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। इस संदर्भ में उत्तर नागपुर की प्रारूप मतदाता सूची में हजारों नामों में गड़बड़ियां की गई हैं जिससे कहीं यह जानबूझकर तो नहीं किया गया? इस तरह के सवाल उठ रहे हैं।

विधायक की शिकायत भी दरकिनार

नागपुर महानगरपालिका की मतदाता सूची को लेकर गंभीर आपत्तियां उजागर होने के बाद विधायक नितिन राऊत ने 15 दिसंबर को ही आयुक्त को पत्र लिखकर प्रभागों की मतदाता सूची में त्रुटियों और आपत्तियों पर उचित कार्यवाही करने की मांग की थी किंतु उनकी शिकायत को भी दरकिनार किए जाने के मामले उजागर हो रहे हैं। शिकायतकर्ता शहाबुद्दीन सिराजुद्दीन शेख ने आरोप लगाया है कि मतदाता सूची में न केवल उनका नाम 2 बार दर्ज है बल्कि कई मृत मतदाताओं के नाम भी शामिल हैं। उनका एक पंजीकरण यादी क्र. 57, भाग क्र. 462 में शामिल है। इसके अतिरिक्त, उनका नाम यादी क्र. 57, भाग क्र. 464 में भी पाया गया जहां उनका नाम 20 नवंबर 2024 तक प्रकाशित सूची में शामिल है।

मतदाता सूची में बदलाव सीमित

14 अक्टूबर 2025 को राज्य चुनाव आयोग की ओर से निर्देश जारी किए गए जिसके अनुसार प्रारूप मतदाता सूची पर प्राप्त होने वाली आपत्तियों के आधार पर सीमित मात्रा में ही बदलाव करने के अधिकार स्थानीय स्तर पर दिए गए थे। आयुक्त द्वारा प्राधिकृत अधिकारी निम्नलिखित प्रकार के बदलाव कर सकेंगे किंतु साधारण त्रुटियां भी सुधारी नहीं जा रही है।

  • लिपिकों की त्रुटियां।
  • किसी दूसरे प्रभाग के मतदाताओं को गलती से शामिल कर लिया गया हो।
  • वे नाम जो विधानसभा मतदाता सूची में होने के बावजूद संबंधित मनपा प्रभाग की मतदाता सूची से हटा दिए गए हों।
  • मृत व्यक्तियों के नामों की जानकारी मिलने पर उन्हें हटाना।
Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com