जब तक न्याय नहीं, तब तक बाहर जाना बंद! बीज धोखाधड़ी के खिलाफ NCP का अकोला में जोरदार आंदोलन
Akola Soybean Seed Crisis: अकोला में सोयाबीन के बीज अंकुरित नहीं होने से हजारों किसान संकट में हैं। किसानों के साथ अमोल मिटकरी ने कृषि विभाग का घेराव कर तत्काल मुआवजा और कार्रवाई की मांग की।
- Written By: अंकिता पटेल
अकोला, सोयाबीन बीज, किसान आंदोलन, अमोल मिटकरी,(सोर्स : नवभारत फाइल फोटो )
Akola Soybean Seed Germination Failure: अकोला जिले में बड़े पैमाने पर सोयाबीन के बीज अंकुरित नहीं होने से हजारों किसान गंभीर आर्थिक संकट में फंस गए हैं। किसानों ने कर्ज लेकर खेतों की जुताई और बुआई की, लेकिन बीज नहीं उगने से उन पर दोबारा बुआई का संकट मंडरा रहा है। खेती की तैयारी, बुआई, मजदूरी और अन्य खर्च व्यर्थ जाने से किसानों में भारी नाराजगी है और वे सरकार व कृषि विभाग से तत्काल राहत की मांग कर रहे हैं।
इसी मुद्दे को लेकर शुक्रवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजीत पवार गुट) के नेता एवं पूर्व विधान परिषद सदस्य अमोल मिटकरी ने प्रभावित किसानों के साथ जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी कार्यालय पहुंचकर जोरदार आंदोलन किया।
आंदोलन के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों तथा संबंधित बीज कंपनियों के प्रतिनिधियों को कार्यालय में बुलाया गया। किसानों की समस्या पर तत्काल निर्णय नहीं होने से अमोल मिटकरी ने तीखा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक किसी अधिकारी या संबंधित बीज कंपनी के प्रतिनिधि को कार्यालय से बाहर नहीं जाने दिया जाएगा।
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ये प्रमुख मांगें रखीं
आंदोलन के दौरान मांग की गई कि जिन बीज कंपनियों के खिलाफ शिकायतें मिली हैं, उनकी तत्काल जांच कर उन्हें ब्लैक लिस्ट किया जाए, जिन किसानों के खेतों में सोयाबीन का बीज नहीं उगा है।
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उन्हें दोबारा बुआई के लिए महाबीज अथवा अन्य गुणवत्तापूर्ण कंपनी का बीज तत्काल उपलब्ध कराया जाए, किसानों की जुताई, बुआई, मजदूरी और अन्य सभी खर्च संबंधित बीज कंपनियों से वसूल कर प्रभावित किसानों को दिया जाए। साथ ही सभी नुकसानग्रस्त किसानों के लिए तत्काल मुआवजे की घोषणा की जाए।
बड़ी संख्या में किसान हुए शामिल
अरविंद पाटिल, राहुल इंगोले, नितिन थडकर, गोपाल ठाकुर, आकाश धवसे, कपिल मोडक, कुणाल फुंडकर, संतोष काले, राहुल कोतवाल, ऋषि पाटिल, धनंजय गावंडे, पियूष टकोरे, कार्तिक थोरात, मंगेश साडे, नीलेश गुलदे, गणेश थोरात सहित जिले के बड़ी संख्या में प्रभावित किसान उपस्थित रहे।
