astronomical event February (सोर्सः सोशल मीडिया)
Sky Watch Yavatmal: शनिवार, 28 फरवरी को पश्चिमी आकाश में एक ही समय पर छह ग्रह एक ही रेखा में दिखाई देंगे। यह दुर्लभ खगोलीय घटना सूर्यास्त के लगभग आधे घंटे बाद देखी जा सकेगी। शाम के आकाश में बुध, शुक्र, बृहस्पति (गुरु), शनि, यूरेनस और नेपच्यून एक साथ मौजूद रहेंगे। इनमें से बृहस्पति, शुक्र, बुध और शनि को खुली आंखों से देखा जा सकता है। हालांकि यूरेनस को देखने के लिए शक्तिशाली दूरबीन की आवश्यकता होगी, जबकि नेपच्यून को देखने के लिए वेधशाला स्तर की दूरबीन जरूरी है।
खगोल प्रेमी इस अद्भुत संयोग का आनंद ले सकेंगे। सौरमंडल के ग्रहों के कक्षीय तल में केवल कुछ डिग्री का अंतर होने के कारण वे हमें शाम के आकाश में लगभग एक ही मार्ग पर चलते हुए दिखाई देते हैं। प्रत्येक ग्रह की सूर्य के चारों ओर परिक्रमा गति अलग-अलग होती है, इसलिए सामान्यतः सभी ग्रह एक साथ एक रेखा में दिखाई नहीं देते। लेकिन वर्तमान स्थिति में छह ग्रह एक साथ दिखाई देने से उनके एक सीध में होने का आभास होगा।
सौरमंडल में ग्रहों का वास्तविक क्रम बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस और नेपच्यून है। पृथ्वी के साथ बनने वाले कोण के कारण दूर के ग्रह भी हमें पास-पास दिखाई देते हैं, जबकि बुध और शुक्र विपरीत दिशा में होने के बावजूद इसी कतार में नजर आते हैं।
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स्काय वॉच ग्रुप, यवतमाल के अध्यक्ष रवींद्र खराबे और उनकी टीम ने स्पष्ट किया है कि ग्रह-नक्षत्रों का मानव जीवन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अंधविश्वास में न पड़ें और इस दुर्लभ खगोलीय दृश्य का वैज्ञानिक दृष्टिकोण से आनंद लें।