पिंपरी-चिंचवड़ में 60 करोड़ का कथित उपसूचना घोटाला, कार्रवाई नहीं होने पर उठे सवाल
PCMC Fake Subsidiary Notice Scam: पिंपरी-चिंचवड़ मनपा में 60 करोड़ रुपये के कथित फर्जी उपसूचना घोटाले ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। जांच के बावजूद आपराधिक मामला दर्ज नहीं हुआ है।
- Written By: अपूर्वा नायक
पिपरी-चिंचवड मनपा (सौ. सोशल मीडिया )
PCMC Fake Subsidiary Notice Scam Payment Controversy: पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका में 60 करोड़ 18 लाख रुपये के कथित फर्जी उपसूचना घोटाले ने शहर में सनसनी फैला दी है।
जांच में ठेकेदारों को नियमों के विरुद्ध भुगतान किए जाने की बात सामने आने के बावजूद अब तक किसी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया गया है। इस पूरे प्रकरण में प्रशासन और सत्ताधारी नेताओं की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रशासन पर जिम्मेदारी से बचने के प्रयास का आरोप
इस मामले के मुख्य आरोपी माने जा रहे मुख्य लेखा एवं वित्त अधिकारी प्रवीण जैन ने मैट से अपनी अनिवार्य छुट्टी रद्द करवा ली जिससे पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
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नगरसेवकों ने महासभा में जांच रिपोर्ट पेश करने की मांग की लेकिन आयुक्त विजय सूर्यवंशी ने इसे स्पष्ट रूप से ठुकरा दिया। आयुक्त ने कहा कि यह प्रशासनिक जांच रिपोर्ट है और अंतिम निर्णय सरकार लेगी।
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सत्ताधारी और विपक्ष में आरोप-प्रत्यारोप जारी
सत्ताधारी और विपक्षी नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है लेकिन अब तक किसी भी अधिकारी या जनप्रतिनिधि पर आपराधिक कार्रवाई नहीं होने से नागरिकों में नाराजगी बढ़ रही है। 14 फर्जी उपसूचनाओं के आधार पर 60 करोड़ 18 लाख रुपये ठेकेदारों को वितरित किए गए। प्रवीण जैन के खिलाफ की गई कार्रवाई तकनीकी कारणों से मैट’ में टिक नहीं पाई। इससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि प्रशासन ने जानबूझकर कमजोर पक्ष रखा, ताकि कार्रवाई प्रभावी न हो सके।
