यवतमाल जिले में पल्स पोलियो अभियान सफल; 2 लाख बच्चो को पिलाइ गई दवा, 90.24% बच्चों को पहली खुराक
Yavatmal Pulse Polio: यवतमाल जिले में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का जिला स्तरीय शुभारंभ उत्साह के साथ हुआ। 2.07 लाख से अधिक बच्चों को दवा पिलाई गई और शेष के लिए घर-घर अभियान चलेगा।
- Written By: केतकी मोडक
यवतमाल में बच्चो को पोलियो की खुराक देते हुए डॉक्टर (सोर्स- फोटो नवभारत)
Yavatmal National Pulse Polio Vaccination: राष्ट्रीय पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान का जिला स्तरीय उद्घाटन उपकेंद्र लासिना, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सावरगड में उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। अभियान को सफल बनाने में स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों, नर्सों, डॉक्टरों समेत प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। अभियान का उद्घाटन यवतमाल स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुभाष ढोले तथा जिला शल्य चिकित्सक डॉ. सुखदेव राठोड के हाथों किया गया।
इस अवसर पर उपस्थित मान्यवरों ने पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों को पोलियो रोधी दवा की दो बूंदें पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया। साथ ही सभी पात्र बच्चों तक पोलियो रोधी टीका पहुंचाकर पोलियो मुक्त समाज बनाने के लिए अभिभावकों से सहयोग करने का आह्वान जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुभाष ढोले व जिला शल्य चिकित्सक डॉ. सुखदेव राठोड ने किया।
इस अवसर पर माता-बाल संगोपन अधिकारी डॉ. प्रशांत घोडाम, अतिरिक्त जिला स्वास्थ्य अधिकारी व चिकित्सा अधिकारी डॉ. मंगल पवार, जिला महामारी अधिकारी डॉ. स्मिता पेटकर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. प्रीति दुधे, जिला सार्वजनिक स्वास्थ्य परिचारिका चंचला मुंदाणे, सुचिता ठाकरे, जिला विस्तार व माध्यम अधिकारी कैलास जवंजाल, विस्तार अधिकारी प्रशांत पाटील, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कोपरकर, टीकाकरण क्षेत्र निरीक्षक सुनीता लाकडे, तालुका स्वास्थ्य सहायक अनंत सावले, स्वास्थ्य सहायक अजय जोगदंड, गौरव सोनोने, सचिन तोडे, स्वास्थ्य सेविका दोडेवार तथा आशा स्वयंसेविकाएं, लाभार्थी व नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
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सहयोग करने का आह्वान
यवतमाल जिले के सभी पात्र बच्चों तक टीकाकरण सेवा पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक योजना तैयार की है और नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी कर अपनी जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया गया। जिले में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के अपेक्षित लाभार्थियों की संख्या 2,29,832 है। रविवार को अभियान में कुल 2 लाख 7 हजार 391 लाभार्थियों को पोलियो रोधी दवा की खुराक दी गई। यह संख्या कुल अपेक्षित लाभार्थियों का 90.24 प्रतिशत है।
113 मोबाइल टीमें कार्यरत
संपूर्ण जिले में इस अभियान को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए 2,714 टीकाकरण बूथ, 165 ट्रांजिट टीमें और 113 मोबाइल टीमें कार्यरत की गई थीं। साथ ही अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए 577 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए थे। इस अभियान में शेष बचे बच्चों को ग्रामीण क्षेत्रों में 3 दिन तथा शहरी क्षेत्रों में 5 दिन तक आशा स्वयंसेविकाओं व कर्मचारियों द्वारा घर-घर जाकर पोलियो की दवा पिलाई जाएगी।
महागांव में 16,000 से अधिक बच्चों को खुराक
महागांव: तहसील में रविवार को राष्ट्रीय पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। तहसील के महागांव शहर, काली (दौ.), फुलसांगवी और पोहंडूल के 4 केंद्रों तथा आंगनवाड़ी केंद्रों पर 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 16 हजार 155 बच्चों को पोलियो रोधी दवा की दो बूंदें पिलाई गईं। यह अभियान तहसील स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. निमिष धुलधुले के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक चलाया गया।
महागांव में बच्चो को पोलियो की खुराक देते हुए डॉक्टर (सोर्स- फोटो नवभारत)
चिकित्सा अधिकारियों, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों, स्वास्थ्य सहायकों, स्वास्थ्य सेविकाओं, स्वास्थ्य कर्मियों, आशा कार्यकर्ताओं और आशा समूह प्रवर्तकों ने समन्वय के साथ कार्य करते हुए अभियान को सफल बनाया।
टीकाकरण केंद्रों पर अभिभावकों ने भी उत्साहपूर्वक अपने बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने के लिए उपस्थिति दर्ज कराई। टीकाकरण के बाद जो बच्चे छूट गए थे, उनके घर-घर जाकर स्वास्थ्य कर्मियों ने उन्हें भी पोलियो की खुराक पिलाई। इससे पूरे तहसील में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान को बड़ी सफलता मिली।
इस अवसर पर तहसील स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. निमिष धुलधुले ने कहा कि ‘भारत पोलियो मुक्त’ है, लेकिन इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए प्रत्येक बच्चे को पोलियो रोधी वैक्सीन की दो बूंदें पिलाना अत्यंत आवश्यक है। स्वास्थ्य विभाग के सभी कर्मचारियों और आशा कार्यकर्ताओं के अथक प्रयासों से यह अभियान सफल हुआ। अभियान में सहयोग देने वाले सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों, आशा स्वयंसेविकाओं, आंगनवाड़ी सेविकाओं तथा अभिभावकों का स्वास्थ्य विभाग ने आभार व्यक्त किया।
झरी जामणी में 85.70 प्रतिशत बच्चों को खुराक
झरी जामणी तहसील में राष्ट्रीय पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुकुटबन ने पहले ही दिन उल्लेखनीय सफलता हासिल करते हुए 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 1,837 पंजीकृत बच्चों में से 1,574 बच्चों को पोलियो रोधी खुराक पिलाई। इसके साथ ही पहले दिन 85.70 प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया गया। शेष बचे बच्चों को अगले तीन दिनों तक घर-घर जाकर पोलियो की दवा पिलाई जाएगी।
झरी जामणी में बच्चो को पोलियो की खुराक देते हुए डॉक्टर (सोर्स- फोटो नवभारत)
स्वास्थ्य विभाग ने “पोलियो की एक भी बूंद किसी भी बच्चे से न छूटे” के उद्देश्य के साथ व्यापक तैयारियां की थीं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत आने वाले नौ उपकेंद्रों के सभी गांवों में पोलियो बूथ स्थापित किए गए थे। आंगनवाड़ी सेविकाओं, आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य कर्मियों ने पूर्व तैयारी कर अभिभावकों को अभियान की जानकारी दी थी।
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अभियान के सफल संचालन के लिए 14 कर्मचारी, 2 स्वास्थ्य अधिकारी, 12 पर्यवेक्षक तथा 82 आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं सहित कुल 110 कर्मियों की तैनाती की गई थी। इसके साथ ही 40 पोलियो बूथ, दो मोबाइल टीमें और एक ट्रांजिट टीम भी सक्रिय रही। मुकुटबन बस स्टैंड सहित विभिन्न स्थानों पर सुबह 8 बजे से सूर्यास्त तक बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुकुटबन के चिकित्सा अधिकारी डॉ. जीवन कुलमेथे ने विभिन्न बूथों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। तालुका स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मोहन गेडाम के मार्गदर्शन में डॉ. जीवन कुलमेथे, डॉ. शुमायला मिर्जा, सागर देवतड़े एवं भावना सिस्टर ने समन्वय के साथ काम किया।
