यवतमाल में मानसून सुस्त, 69.5% बारिश की कमी, गाज गिरने से 3 की मौत, कई तहसीलों में झमाझम बारिश से राहत

Yavatmal Weather Update: यवतमाल जिले में 23 जून तक सामान्य से 69.5% कम बारिश हुई है, जिससे किसान चिंतित हैं। इसी बीच अलग-अलग जगहों पर बिजली गिरने से 3 लोगों की मौत हो गई और 3 गंभीर घायल हो गए।
Yavatmal Rainfall Shortage
मृतक महेश गणेश आहे (सोर्स - फोटो नवभारत)
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Yavatmal Rainfall Shortage: यवतमाल जिले में मानसून की शुरुआत अपेक्षा के अनुसार नहीं हुई है। 23 जून तक यवतमाल जिले में औसत 125.7 मिमी सामान्य वर्षा के मुकाबले केवल 38.3 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य वर्षा का मात्र 30.5 प्रतिशत है। इससे जिले में अब तक 69.5 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई है।

यवतमाल जिला प्रशासन द्वारा जारी वर्षा रिपोर्ट के अनुसार, जिले की विभिन्न तहसीलों में वर्षा की स्थिति असमान बनी हुई है। दारव्हा तहसील में सर्वाधिक 66.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य वर्षा का 56.3 प्रतिशत है। इसके अलावा नेर में 53.2 मिमी, मारेगांव में 48.8 मिमी तथा दिग्रस में 45.3 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

वहीं, बाभुलगांव में 19.9 मिमी, महागांव में 24.0 मिमी तथा यवतमाल तहसील में केवल 22.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। ये आंकड़े सामान्य वर्षा की तुलना में काफी कम हैं। 23 जून को हुई वर्षा की बात करें तो दारव्हा तहसील में सबसे अधिक 54.8 मिमी बारिश हुई। इसके बाद नेर में 34.1 मिमी, मारेगांव में 28.8 मिमी और रालेगांव में 24.9 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

रिपोर्ट के अनुसार, अमरावती संभाग में भी अब तक सामान्य 113.2 मिमी वर्षा के मुकाबले केवल 31.5 मिमी वर्षा हुई है, जो सामान्य का 27.8 प्रतिशत है। कृषि क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी दिनों में अच्छी बारिश नहीं होने पर खरीफ फसलों की बुआई प्रभावित हो सकती है। किसान अब मानसून के तेज होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

दारव्हा और नेर में अतिवृष्टि

यवतमाल जिले के दारव्हा और नेर तहसील में 22 जून को अतिवृष्टि दर्ज की गई। दारव्हा तहसील के लाड़खेड़ और महागांव में 71 मिमी बारिश दर्ज की गई। तहसील के शिरजगांव में 74 मिमी बारिश दर्ज की गई है।

गाज गिरने से युवक की दर्दनाक मौत

यवतमाल जिले के उमरखेड़ मंगलवार को दोपहर करीब 2:30 बजे अमडापुर धरण के पास खेत परिसर में हुई दर्दनाक घटना में आकाशीय बिजली गिरने से एक 23 वर्षीय युवक की मौत हो गई, जबकि उसके पिता सहित दो अन्य लोग झुलस गए। इनमें एक बुजुर्ग की हालत गंभीर बताई जा रही है, जानकारी के अनुसार, भोज नगर तांडा निवासी महेश गणेश आहे (23) अपने पिता गणेश फकीरा आड़े (55) और कालु कनिराम पवार (70) के साथ मवेशी चराने के लिए खेत में गए थे। इसी दौरान अचानक मौसम बदल गया और गरज-चमक के साथ तेज बारिश शुरू हो गई। इसी बीच आकाशीय बिजली गिरने से तीनों लोग इसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और किसानों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर सभी को फुलसावंगी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने जांच के बाद महेश आड़े को मृत घोषित कर दिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए सवना भेज दिया गया। गंभीर रूप से घायल कालु पवार को आगे के इलाज के लिए उपजिला अस्पताल रेफर किया गया है।

घाटंजी तहसील में मानसून की एंट्री

यवतमाल जिले के घाटंजी शहर सहित पूरे तहसील में मंगलवार दोपहर के समय मानसून ने जोरदार दस्तक दी। लगभग डेढ़ घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश ने लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे नागरिकों और बुवाई कर चुके किसानों को बड़ी राहत दी है। जून महीने के अंतिम चरण तक भी पर्याप्त बारिश न होने से किसान चिंतित थे, लेकिन इस तेज बारिश ने खरीफ सीजन को नई ऊर्जा दी है। मुख्य बाजार, बस स्टैंड परिसर, तहसील कार्यालय मार्ग, पंचायत समिति क्षेत्र और विभिन्न कॉलोनियों में पानी भर गया। ऐसे समय में हुई इस बारिश ने फसलों को जीवनदान दिया है और किसानों के चेहरों पर राहत व खुशी देखने को मिल रही है।

बिजली गिरने से 2 की मौत, एक गंभीर घायल

यवतमाल जिले के कलंब तहसील अंतर्गत उमरी गांव में सोमवार दोपहर 4 बजे के दौरान आसमानी गाज गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को उपचार के लिए यवतमाल भेजा गया है। प्राप्त प्राथमिक जानकारी के अनुसार, उमरी निवासी भीमराव रामभाऊ लाकडे (55) तथा निखिल वाल्मिक भोयर (32) खेत में मौजूद थे।

इसी दौरान दोपहर करीब 4 बजे अचानक आकाशीय बिजली गिर गई। घटना में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं साहिल भीमराव लाकडे (20) गंभीर रूप से झुलस गया। स्थानीय लोगों की मदद से उसे तत्काल उपचार के लिए यवतमाल के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

मारेगांव में मूसलाधार बारिश की दस्तक

यवतमाल जिले के मारेगांव शहर में मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे तेज बारिश ने जोरदार दस्तक दी। इस बारिश से भीषण गर्मी और उमस से परेशान नागरिकों को बड़ी राहत मिली, वहीं किसानों में भी खुशी का माहौल देखने को मिला। मृग नक्षत्र समाप्ति की ओर होने के बावजूद अपेक्षित बारिश नहीं होने से किसानों पर दोबारा बुवाई का संकट मंडरा रहा था। बारिश की कमी के कारण किसान चिंतित थे, लेकिन आज हुई जोरदार बारिश से फसलों को नई जीवनदायिनी मिलने की उम्मीद जगी है।

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