घर बनने के बाद भी नहीं मिला अनुदान, प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों ने निजी कर्ज लेकर बनाए घर
PM Awas Yojana Installment Delay: महागांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को पहली किस्त के बाद शेष राशि नहीं मिली। निजी कर्ज लेकर घर बनाए लाभार्थी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
- Written By: आंचल लोखंडे
घर बनने के बाद भी नहीं मिला अनुदान
Mahagaon Housing Beneficiaries: महागांव तालुका में योग्य लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत घरों की मंजूरी मिल चुकी है। लाभार्थियों को पहली किस्त प्राप्त हो गई है, परंतु दूसरी, तीसरी और चौथी किस्त का धन अब तक उनके बैंक खातों में जमा नहीं हुआ है, जिससे लाभार्थियों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है।
सरकार से जल्द शेष किस्तों का भुगतान करने की मांग लाभार्थियों द्वारा की जा रही है। महागांव पंचायत समिति के माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 14 हज़ार से अधिक घरों को मंजूरी दी गई थी। कई लाभार्थियों ने अपने घरों का निर्माण कार्य पूरा भी कर लिया है, लेकिन शेष किस्तों के अभाव में उनका आर्थिक संकट बढ़ गया है।
लगातार पंचायत समिति कार्यालय के चक्कर
इस योजना का उद्देश्य गरीबों को पक्का घर उपलब्ध कराना है। जियो-टैगिंग के बाद पहली किस्त दी गई और लाभार्थियों ने नींव से लेकर पूरा घर तैयार कर लिया। कई लाभार्थी अपने मकान में रहने भी लगे हैं, लेकिन शेष धनराशि न मिलने के कारण वे लगातार पंचायत समिति कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
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अनुमोदित घरों में 50,000 रुपए की वृद्धि
कर्मचारियों द्वारा टैगिंग प्रक्रिया पूरी कर ली गई है तथा निर्माण विभाग ने भी सभी आवश्यक औपचारिकताएँ संपन्न कर ली हैं। इसके बाद भी विभाग को सरकार से फंड प्राप्त नहीं हो पा रहा है, जिससे योजनागत राशि अटकी हुई है। सरकार द्वारा लाभार्थियों के लिए अनुमोदित घरों में 50,000 रुपये की वृद्धि भी की गई है, परंतु फंड न मिलने से योजना का लाभ समय पर नहीं पहुंच पा रहा है।
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बढ़ रहा है कर्ज का बोझ
योजना मंजूर होने के बाद लाभार्थियों ने पक्का मकान बनने की उम्मीद में निजी कर्ज लेकर निर्माण कार्य पूरा किया। लेकिन समय पर किस्तें न मिलने से अब कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है। लाभार्थियों का कहना है कि विभाग को जल्द से जल्द फंड उपलब्ध कराया जाए, जिससे वे कर्ज के जाल से बाहर निकल सकें और योजना का वास्तविक लाभ मिल पाए।
