शैला मिर्जापुरे ने पत्रकार परिषद में दी जानकारी (सौजन्य-नवभारत)
Nari Shakti Vandan Bill Yavatmal: नारी सशक्तिकरण को लेकर एक बार फिर बड़ा कदम उठाने की तैयारी की जा रही है। इसी क्रम में नारी शक्ति वंदन विधेयक (Nari Shakti Vandan Bill) के समर्थन में पदयात्रा का आयोजन बुधवार को उत्सव मंगल कार्यालय परिसर से किया गया। इस संबंध में जानकारी देते हुए शैला मिर्जापुरे ने बताया कि लंबे समय से महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर घोषणाएं तो होती रही हैं, लेकिन उन्हें जमीन पर पूरी तरह लागू नहीं किया जा सका।
उन्होंने बताया कि वर्ष 1996 में पहली बार यह विधेयक लाया गया था, लेकिन वह केवल कागज़ों तक सीमित रह गया। अब वर्ष 2023 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस विधेयक को अमल में लाने का प्रयास तेज़ किया गया है। शैला मिर्जापुरे के अनुसार, 18 अप्रैल को इस विधेयक की घोषणा की जाएगी, जिसे लेकर महिलाओं में उत्साह का माहौल है।
इसी उत्साह को जन-जन तक पहुंचाने और महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से पदयात्रा निकाली जाएगी। उन्होंने कहा कि इस पदयात्रा के माध्यम से महिलाओं को संगठित कर उनके अधिकार, सम्मान और भागीदारी को सुनिश्चित करने का संदेश दिया जाएगा। यह पहल महिलाओं को राजनीतिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
इस सप्ताह नारी शक्ति वंदन विधेयक (Nari Shakti Vandan Bill) को लेकर व्यापक स्तर पर जनजागृति अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत मिस्ड कॉल के माध्यम से महिलाओं को जोड़ने का प्रयास किया गया, जिससे बड़ी संख्या में महिलाओं ने सहभागिता दर्ज कराई। पत्रकार परिषद में नगराध्यक्ष एड. प्रियदर्शनी उईके, पार्षद कीर्ती राऊत, माया शेरे, रेखा कोठेकर, पुष्पलता सप्रे, निर्मला विणकरे मौजूद थीं।
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अभियान के दौरान सभी सशक्त महिलाओं ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हुए महिला सशक्तिकरण का संदेश प्रसारित किया। साथ ही, जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न वीडियो भी तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से साझा किया जा रहा है। आगामी 18 तारीख को विशेष हस्ताक्षर अभियान आयोजित किया जाएगा, जिसमें अधिक से अधिक महिलाओं और नागरिकों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके साथ ही एक भव्य महिला सम्मेलन का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें महिलाओं के अधिकार, समानता और सशक्तिकरण पर चर्चा की जाएगी। इस पूरे अभियान का उद्देश्य महिलाओं में जागरूकता बढ़ाना और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाना है।