One Village One Ganapati: यवतमाल में 2,491 स्थान पर सार्वजनिक श्रीगणेशजी की स्थापना
Ganeshotsav 2025: यवतमाल जिले में 2491 गणेश प्रतिमाएं स्थापित होने का अनुमान है। इनमें शहरी इलाकों में 604 और ग्रामीण इलाकों में 1887 गणेश प्रतिमाएं स्थापित की जाएगी।
- Written By: आंचल लोखंडे
यवतमाल में 2,491 स्थान पर सार्वजनिक श्रीगणेशजी की स्थापना (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Yavatmal Ganeshotsav News: गणेशोत्सव के अवसर पर पूरे जिले में धार्मिक और सांस्कृतिक उत्साह का माहौल देखा जा सकता है।छोटे-छोटे गांवों से लेकर बड़े शहरों तक गणपति बप्पा के आगमन की तैयारियां ज़ोरों पर चल रही हैं। इस बार यवतमाल जिले में 2491 गणेश प्रतिमाएं स्थापित होने का अनुमान है। इनमें शहरी इलाकों में 604 और ग्रामीण इलाकों में 1887 गणेश प्रतिमाएं स्थापित की जाएगी। वहीं जिले के 471 गांव में एक गांव एक गणपति संकल्पना को साकार किया जा रहा है। शहरों में गणेश मंडलों द्वारा विशाल मंडप बनाए जा रहे हैं, जिनमें आकर्षक विद्युत सज्जा और थीम आधारित झांकियां आकर्षण का केंद्र होंगी।
कई मंडलों ने प्लास्टिक मुक्त समाज, जल संरक्षण, वृक्षारोपण, महिला सशक्तिकरण और रक्तदान शिविर जैसे सामाजिक संदेश देने वाले कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी पारंपरिक ढोल-नगाड़ों और भजनों के बीच गणेश प्रतिमाओं की स्थापना की जाएगी। संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए हैं। शहर के मुख्य मार्गों पर यातायात नियंत्रण के लिए यातायात पुलिस तैनात रहेगी। स्वच्छता अभियान के तहत, नगर परिषद और ग्राम पंचायतों को मंडप क्षेत्रों में सफाई और कचरा प्रबंधन की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है।
पर्यावरण-अनुकूल मूर्तियों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए, पर्यावरण-अनुकूल मूर्तियों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। गणेश भक्तों में भारी उत्साह का माहौल है। मूर्तिकारों की कार्यशालाओं में लगातार मूर्तियाँ तैयार की जा रही हैं। छोटी-बड़ी गणेश मूर्तियों से लेकर विशाल मूर्तियों तक, सभी वर्ग के लोगों की मांग को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। इस बार जिले में गणेश स्थापना की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में बढ़ने की उम्मीद है। गणेशोत्सव के माध्यम से पूरे जिले में धार्मिक आस्था, सामाजिक सद्भाव और भाईचारे का माहौल बनेगा।
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100 आवेदन, केवल 41 स्वीकृत
धर्मदाय विभाग के अनुसार, जिले भर के सार्वजनिक गणेश मंडलों ने इस वर्ष ऑनलाइन माध्यम से उत्सव के आयोजन की अनुमति के लिए आवेदन किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुल 100 आवेदन ऑनलाइन जमा किए गए थे।विभागीय जांच और इन आवेदनों के अनुपालन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद, विभाग द्वारा केवल 41 गणेश मंडलों को यह अनुमति प्रदान की गई है। धर्मदाय विभाग ने स्पष्ट किया है कि गणेश मंडलों को अनुमति देने से पहले सुरक्षा, स्वच्छता, सामाजिक सद्भाव और ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित सभी सरकारी नियमों का पालन अनिवार्य है। इसके तहत, कई मंडलों के आवेदन इस नियम के विरुद्ध अपूर्ण पाए जाने पर स्वीकृत नहीं किए गए।
रैलियां DJ मुक्त होनी चाहिए
यवतमाल जिला पुलिस दल की ओर से ऑपरेशन प्रस्थान अंतर्गत इस साल आदर्श गणेश मंडल स्पर्धा का आयोजन किया जा रहा है। इस स्पर्धा के लिए कुछ नियमावली रखी गई है। स्थापना व विसर्जन रैली डीजे मुक्त किया जाए, पारंपारिक वाद्य का उपयोग करें,गणेश मंडल की ओर से पूरे गणेशोत्सव व रैली के दौरान नशीले पदार्थ शराब अन्यों का उपयोग नहीं हो इसका ख्याल रखें, सामाजिक उपक्रम चलाए जाए, सार्वजनिक स्वच्छता मुहिम चलायी जाए, सुरक्षा की दृष्टि से प्रत्येक मंडलों ने सीसीटीवी कैमरे लगाने चाहिए, गणेश मंडलों के उपक्रमों में महिलाओं का भी सहभाग रहें, सामाजिक समरसता के संदेश देनेवाली झांकिया रखी जाए।
