जिला परिषद स्कूलों की हुई परीक्षा (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Yavatmal News: विद्यार्थियों की परीक्षा ली जाती है। परंतु यवतमाल जिले में एक ही दिन में और एक ही समय पर 600 स्कूलों में शिक्षा विभाग की टीम ने पहुंचकर सभी स्कूलों की 100 अंकों की परीक्षा ली। अब कौन सी स्कूल को कौनसी श्रेणी दी गई है, इसे लेकर चर्चाएं चल रही हैं। स्कूलों के अलावा कनिष्ठ महाविद्यालयों की जांच मुहिम शिक्षाधिकारी रवींद्र काटोलकर ने शुरू की। संपूर्ण जिले के स्कूलों की एक ही दिन में जांच करना गिने चुने कर्मचारियों के माध्यम से करना संभव नहीं था।
इसीलिए उन्होंने जिलेभर के प्रत्येक मुख्याध्यापकों को शिक्षाधिकारी प्रतिनिधि के रूप में एक एक स्कूल में जांच पड़ताल के लिए भेजा। कौन सी स्कूल में जाना है, यह ऐन मौके पर बताया गया। इसीलिए सुबह 10 बजे से ही एक ही समय पर सभी स्कूलों की जांच शुरू की गई। मुख्याध्यापक योग्य जांच कर रहे है या नहीं इसका ‘क्रॉस चेकिंग’ करने के लिए शिक्षा विभाग के विविध अधिकारी सुबह से ही दौरे पर थे। इनमें स्वयं शिक्षणाधिकारी, उपशिक्षणाधिकारी, शिक्षण विस्तार उपनिरीक्षक, अधिकारी, शिक्षण गटशिक्षणाधिकारी आदि शामिल थे।
इस मुहिम में 26 प्रकार के मुद्दों पर स्कूलों की जांच की गई। विद्यार्थी सुरक्षा उपाययोजना, विशाखा समिति की स्थापना, माता पालक संगठन की स्थापना, वृक्षारोपण, नशामुक्त भारत अभियान में प्रहरी क्लब की स्थापना, तंबाखूमुक्त स्कूल नोडल ऑफिसर, नवोदय की परीक्षा में बैठे विद्यार्थी, इको क्लब, इन्स्पायर अवार्ड के लिए भरे मानांकन, मुलभूत भाषा ज्ञान व संख्या ज्ञान प्रकल्प, पिछडे बच्चों के लिए दत्तक पाल्य उपक्रम, प्रयोगशाला, वाचनालय कृति कार्यक्रम, शौचालय, यूडायस ड्रॉप बॉक्स के विद्यार्थी, आधार अपडेशन, संचमान्यता की लिंक, स्कूल स्ट्रक्चरल ऑडिट, इलेट्रिक ऑडिट, स्काउट गाईड टीम का पंजीयन, नव भारत साक्षरता अभियान के पंजीयन आदि की जांच की गई।
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इस जांच में 100 अंकों में से 75 से अधिक अंक प्राप्त करनेवाली स्कूल को अ श्रेणी मिलेगी। इसके अलावा 51 से 75 ब श्रेणी, 26 से 50 क श्रेणी और 25 से कम अंक प्राप्त करनेवाले स्कूलों को ड श्रेणी दी जाएगी। दोपहर तक स्कूलों की जांच मुहिम चलायी गई। मुख्याध्यापकों ने अपनी रिपोर्ट गुटशिक्षाधिकारी के पास जमा किया। अब शिक्षाधिकारी स्तर पर रिपोर्ट एकत्रित कर स्कूलों के नतीजे निकाले जाएंगे।
यवतमाल के माध्यमिक शिक्षणाधिकारी रवींद्र काटोलकर ने कहा कि बारिश की वजह से उमरखेड़ व महागांव इन दो तहसीलों को छोड 14 तहसीलों की स्कूलों में भेंट दी गई। उनका क्रास चेकिंग भी किया गया। जांच का पूरा डेटा 4 सितंबर को मिलने के बाद स्कूलों की सुधारणा क्षेत्र निर्धारित किया जाएगा। इसके आधार स्कूलों में सुधार किया जाएगा।