झुर्रियों भरे चेहरों पर छायी सफलता की चमक, बुजुर्गों ने डेढ़ घंटे में ही हल कर दिए प्रश्नपत्र
Literacy: यवतमाल में साठ साल से ज़्यादा की उम्र में अब उनके चेहरों पर झुर्रियां पड़ गई हैं। उनकी चमकती आंखों की रोशनी अब धुंधली पड़ गई है। लेकिन इस उम्र में भी बुज़ुर्गों को शिक्षा की राह दिखाई गई।
- Written By: प्रिया जैस
यवतमाल में बुजुर्गों ने दी परीक्षा (सौजन्य-नवभारत)
Yavatmal News: इस उम्र में भी बुज़ुर्गों को शिक्षा की राह दिखाई गई। उन्हें पढ़ाया गया और रविवार को उनकी लिखित परीक्षा भी हुई। उम्र से थके ये बुज़ुर्ग परीक्षार्थी किसी स्कूली छात्र की तरह खुश नज़र आए। सफलता की यह झलक उनके चेहरों पर साफ़ दिखाई दे रही थी। बुजुर्ग निरक्षरों को शिक्षा की राह दिखाने वाले ‘उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ के तहत रविवार, 21 सितंबर को यह परीक्षा आयोजित की गई।
शिक्षा विभाग ने पिछले एक साल से वयस्क निरक्षरों का पंजीकरण और स्वयंसेवकों के माध्यम से उन्हें शिक्षित करने का काम अपने हाथ में लिया था। रविवार को ऐसे 13,797 बुजुर्गों की 150 अंकों की परीक्षा ली गई। यह परीक्षा ज़िले के सभी 16 तालुकाओं के 1925 स्कूलों में आयोजित की गई थी। परीक्षा के लिए सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक का समय निर्धारित था।
डेढ़ घंटे में हल किए प्रश्नपत्र
इस दौरान बुजुर्गों ने अपनी सुविधानुसार किसी भी समय आकर डेढ़ घंटे तक प्रश्नपत्र हल किए। लेकिन सीखने की ललक के कारण, अधिकांश वयस्क सुबह 10 बजे ही स्कूल पहुंच गए। उन्होंने कक्षाध्यापक को अपना आधार कार्ड दिखाया और प्रश्नपत्र हल किया। हालांकि उनकी लिखने की गति उनकी उम्र के हिसाब से थोड़ी धीमी थी, फिर भी उन्होंने पूरे डेढ़ घंटे का प्रश्नपत्र हल किया। इसमें कोई लंबा प्रश्न नहीं था।
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उन्हें केवल विकल्पों पर सही का निशान लगाना था। कुछ जगहों पर चित्र देखकर उसमें मौजूद तत्वों की पहचान करने जैसे प्रश्न भी थे। यह परीक्षा वयस्कों के पढ़ने, लिखने और अंकगणित का विभिन्न माध्यमों से परीक्षण करने के लिए आयोजित की गई थी। दिलचस्प बात यह है कि सोमवार को घटस्थापना होने के कारण रविवार को घरों में काफी चहल-पहल रही।
उत्साह के साथ शामिस हुए बुजुर्ग
इसके अलावा, रविवार को सर्वपितृ अमावस्या होने के कारण, गांवों में बुजुर्ग लोग अपने घरेलू कामों में व्यस्त थे। फिर भी, जिन वयस्कों ने इस परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था, वे बड़े उत्साह के साथ परीक्षा में शामिल हुए। उनके उत्साह पर शिक्षा अधिकारी किशोर पगोरे, प्रकाश मिश्रा, रवीन्द्र काटोलकर, उप शिक्षा अधिकारी दयाशंकर चितलकर, डॉ. नीता गावंडे, राजू मडावी आदि ने प्रसन्नता व्यक्त की।
| तालुका | परीक्षार्थी |
|---|---|
| उमरखेड़ | 1547 |
| पुसद | 1483 |
| यवतमाल | 1297 |
| नेर | 966 |
| दारव्हा | 934 |
| पांढरकवड़ा | 914 |
| घाटंजी | 903 |
| रालेगांव | 809 |
| आर्णी | 782 |
| महगांव | 750 |
| दिसग्र | 737 |
| वणी | 718 |
| झरिजामनी | 523 |
| बाभुलगांव | 504 |
| कलंब | 473 |
| मारेगांव | 457 |
| कुल | 13,797 |
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दो दिनों में परीक्षार्थियों की संख्या बढ़ गयी
19 सितंबर तक जिले के 13,609 वयस्कों ने इस परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था। हालांकि, परीक्षा के समय तक पंजीकरण खुला रखा गया था। इसके चलते शनिवार को पंजीकरण संख्या बढ़कर 13,771 हो गई। वास्तविक परीक्षा के समय तक यह संख्या और बढ़कर 13,797 हो गई। इससे परीक्षा के प्रति वयस्कों के उत्साह का पता चलता है।
