महिला एवं बाल कल्याण के लिए आरक्षित होगी 3% निधि; जानें प्रारूप योजना में किस विभाग को क्या मिला?
Rural Development Funds: यवतमाल के विकास के लिए 471 करोड़ की प्रारूप योजना तैयार। शिक्षा, स्वास्थ्य और नवाचार योजनाओं पर विशेष जोर। पालकमंत्री संजय राठोड की बैठक पर सबकी नजरें।
- Written By: प्रिया जैस
यवतमाल न्यूज
Yavatmal News: जिला नियोजन विभाग द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए 471 करोड़ रुपये की प्रारूप योजना तैयार की गई है। शासन के विभिन्न विभागों से मिलने वाले निधि और उस निधि से जिले में किए जाने वाले कार्यों को ध्यान में रखकर यह योजना बनाई गई है। अब पालकमंत्री की उपस्थिति में होने वाली जिला नियोजन समिति की बैठक में यदि इस योजना को मंजूरी मिलती है, तो इसे राज्य सरकार के पास प्रस्तुत किया जाएगा।
यह प्रारूप योजना एक तरह से जिले का वार्षिक बजट होती है, जिसके आधार पर पूरे वर्ष जिले में विकास कार्य किए जाते हैं। प्रत्येक वित्तीय वर्ष के समाप्त होने से पहले अगले वर्ष की कार्य योजना तैयार की जाती है। इसके लिए पहले प्रारूप कार्य योजना बनाई जाती है। इसमें विकास कार्य, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल कल्याण तथा नवाचार योजनाओं के लिए निधि आरक्षित की जाती है।
तैयार प्रारूप कार्य योजना को पालकमंत्री संजय राठोड के समक्ष जिला नियोजन समिति की बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा। बैठक में प्राप्त सुझावों के अनुसार संशोधित प्रारूप योजना तैयार की जाती है और फिर इसे राज्य सरकार को भेजा जाता है। इस कारण प्रारूप कार्य योजना में सुझाए गए विभिन्न मुद्दों को विशेष महत्व दिया गया है।
सम्बंधित ख़बरें
MahaRERA Notice: 8,212 हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को नोटिस, 60 दिन में रिपोर्ट नहीं तो रजिस्ट्रेशन रद्द
मुंबई विश्वविद्यालय में प्रदर्शन पर Bombay High Court सख्त, छात्रों के लिए अलग विरोध स्थल तय करने की सलाह
Maharashtra Weather Update: नागपुर समेत विदर्भ में बदलेगा मौसम, IMD ने तेज हवाओं और बारिश की चेतावनी दी
5 राज्यों के चुनाव में महाराष्ट्र के नेताओं का दम, गडकरी-फडणवीस की रणनीति से भाजपा को बढ़त
इसमें शिक्षा के लिए 5 प्रतिशत, महिला एवं बाल कल्याण के लिए 3 प्रतिशत, नवाचार योजनाओं के लिए साढ़े 3 प्रतिशत निधि आरक्षित की जाती है। उसी अनुसार निधि के खर्च की योजना बनाई जाती है। विभिन्न विभागों ने इस संबंध में अपनी योजनाएं प्रस्तुत की हैं। जिला वार्षिक योजनाओं का वर्गीकरण कोर क्षेत्र (गाभा क्षेत्र), गैर-कोर क्षेत्र (बिगर गाभा क्षेत्र) और अन्य कार्य इस प्रकार किया गया है।
प्राथमिक स्तर पर 298 करोड़ का नियोजन
कोर क्षेत्र में ग्रामीण विकास, सामाजिक सामूहिक सेवाएं और ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित कार्यों पर निधि खर्च की जाती है। इसके लिए प्राथमिक स्तर पर 298 करोड़ रुपये का नियोजन किया गया है। गैर-कोर क्षेत्र के लिए 149 करोड़ 33 लाख रुपये का नियोजन किया गया है, जिसमें उद्योग और खनन सहित अन्य विषयों का समावेश है। इसके अलावा, 23 करोड़ 58 लाख रुपये के अन्य कार्यों का भी प्रस्ताव किया गया है।
यह भी पढ़ें – राज्य में शोक, यवतमाल में जश्न! संवेदनहीनता की हद पार, वायरल वीडियो ने खड़ा किया बड़ा विवाद
विभागों के लिए आरक्षित निधि
- शिक्षा के लिए 5 प्रतिशत
- महिला एवं बाल कल्याण के लिए 3 प्रतिशत
- नवाचार योजनाओं के लिए साढ़े 3 प्रतिशत
- विभिन्न विभागों ने अपनी योजनाएं की प्रस्तुत
