मुंबई विश्वविद्यालय में प्रदर्शन पर Bombay High Court सख्त, छात्रों के लिए अलग विरोध स्थल तय करने की सलाह
Bombay High Court: मुंबई विश्वविद्यालय के कलिना परिसर में चल रहे विरोध प्रदर्शन मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है और छात्रों के लिए निर्धारित प्रदर्शन स्थल बनाने की सलाह दी है।
- Written By: अपूर्वा नायक
बॉम्बे हाई कोर्ट (फोटो सोर्स - गूगल इमेज)
Bombay High Court Mumbai University Protest: मुंबई विश्वविद्यालय के कलिना परिसर में पिछले आठ महीनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे पूर्व छात्र राजेश बंदगले उर्फ भदंत विमानसा ने रविवार शाम अदालत के आदेश के बाद विश्वविद्यालय परिसर छोड़ दिया।
इस पर संज्ञान लेते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस मामले में विश्वविद्यालय की याचिका खारिज कर दी। हालांकि, कोर्ट ने विश्वविद्यालय को सलाह दी कि वह शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों के लिए परिसर में एक विशिष्ट स्थान आवंटित करने पर विचार करे।
यदि कोई छात्र कैंपस के किसी कोने में विरोध प्रदर्शन कर रहा है तो इसकी जानकारी किसी को नहीं होती। उनकी आवाज संबंधित अधिकारियों तक नहीं पहुंच पाती।
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पुलिस चौकी के पास दें स्थान
इसलिए, मुंबई विश्वविद्यालय को छात्र विरोध प्रदर्शन के लिए कैंपस में एक विशिष्ट स्थान निर्धारित करना चाहिए, विशेष रूप से, यह स्थान कैंपस में पुलिस चौकी के पास होना चाहिए। इससे पुलिस के लिए प्रदर्शनकारी छात्रों पर नजर रखना संभव होगा।
न्यायमूर्ति रविंद्र घुगे और न्यायमूर्ति हितेन वेनेगांवकर की पीठ ने विश्वविद्यालय को उपरोक्त निर्देश जारी करते हुए यह बात स्पष्ट की। विमानसा के विरोध प्रदर्शन के खिलाफ दायर याचिका के साथ ही विश्वविद्यालय ने परिसर में विरोध प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए एक व्यापक आदेश की मांग करते हुए एक अलग याचिका भी दायर की है।
विश्वविद्यालय ने मांगा था व्यापक आदेश
विश्वविद्यालय प्रशासन ने न केवल इस विरोध के खिलाफ याचिका दायर की थी, बल्कि कैंपस में होने वाले प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए एक व्यापक दिशा-निर्देश जारी करने की भी मांग की थी।
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संतुलन बनाने की कोशिश
अदालत के इस फैसले को छात्रों के अधिकार और प्रशासनिक नियंत्रण के बीच संतुलन बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। इससे भविष्य में विरोध प्रदर्शन अधिक संगठित और प्रभावी तरीके से किए जा सकेंगे, साथ ही परिसर की व्यवस्था भी प्रभावित नहीं होगी।
