5 राज्यों के चुनाव में महाराष्ट्र के नेताओं का दम, गडकरी-फडणवीस की रणनीति से भाजपा को बढ़त
Maharashtra Leaders Role BJP Win in 5 States: पांच राज्यों के चुनाव में महाराष्ट्र के नेताओं ने अहम भूमिका निभाई। फडणवीस, गडकरी, गोयल और तावड़े के प्रयासों से कई राज्यों में भाजपा को सफलता मिली।
- Written By: अपूर्वा नायक
महाराष्ट्र के नेताओं की BJP चुनाव में भूमिका (सौ. डिजाइन फोटो )
Maharashtra Leaders Role BJP Win: पांच राज्यों के चुनाव में महाराष्ट्र के नेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इन नेताओं को जहां भी तैनात किया गया। वहां पर भाजपा को सफलता मिली है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चुनावी राज्यों में कई सभाएं की।
असम में केंद्रीय भूतल परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने चुनावी दौरा किया था। उनके वहां पहुंचते ही कौन आया-कौन आया, भारत का हाई-वे मैन आया, के नारे लगे थे।
गडकरी ने वहां जनता से वादा किया कि मोदी सरकार राज्य में कई महत्वपूर्ण सड़क एवं राष्ट्रीय राजमार्ग योजनाओं को अंजाम देना चाहती है। इसके लिए उनको जनता का सहयोग चाहिए।
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अगर जनता राज्य में भाजपा की सरकार फिर से लाती है तो इन कार्यों में और तेजी आ सकती है। वहां पर मौजूद जनता ने नितिन गडकरी से वादा किया कि वे न केवल अपनी सीट पर बल्कि आस-पास की एक दर्जन सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों को विजयी बनाएंगे। इसकी वजह यह है कि वे उनकी ओर से बनाए गए हाई-वे, सुरंग और पुल की वजह से अपना जीवन आसान बना पाएं हैं।
असम की जनता से किया वादा पूरा
उनके जीवन में इसकी वजह से तरक्की आई है। चुनाव के जो नतीजे आए हैं। उसने यह साफ कर दिया है कि गडकरी से जो वादा असम की जनता ने किया था। उसे पूरा किया है। उन्होंने राज्य में भाजपा को बड़े स्तर पर जिताकर यह संदेश दिया है कि काम करने वाले मंत्री है और सरकार पर जनता किस तरह भरोसा जाहिर करती है यह साबित हुआ है।
तमिलनाडू में पीयूष गोयल प्रभारी थे। राज्य में जनता ने भले ही टीवीके को पहली पसंद के रूप में चुना है, लेकिन जिस तरह से एआईएडीएमके को वोट मिले हैं और डीएमके तीसरे नंबर पर चली गई है। उससे यह साफ है कि यहां पर भी भाजपा पर भरोसा बढ़ा है।
केरल में तावड़े की सफलता
भाजपा महासचिव विनोद तावड़े के पास चुनाव की कमान थी। केरलम में भले ही कांग्रेस नीत यूडीएफ को बढ़त मिली है। लेकिन विनोद तावड़े ने यह साबित कर दिया है कि वह संगठन बढ़ाने, कार्यकर्ताओं को स्व-प्रेरित रहने के गुर देने और भविष्य में राज्य के अंदर भाजपा की जीत का बीज अंकुरित करने में सफल रहे है। यहां पर पिछली बार भाजपा का खाता नहीं खुला था।
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- लेकिन इस बार देर शाम तक भी भाजपा 3-5 सीटों पर मुकाबले में बनी हुई थी।
- मतगणना शुरू होने के पहले दो पहर में करीब 15 सीटों पर भाजपा आगे दिख रही थी।
- जो यह बताता है कि विनोद तावड़े ने किस तरह से केरलम में मेहनत कर भाजपा का संगठन मजबूत किया है।
- वह चुनाव के दौरान लगातार यहां पर बने हुए थे।
