

Yavatmal Power Cut Protest: बिजली आपूर्ति करीब 24 घंटे तक बाधित रहने के बाद ढाणकी शहर के नागरिकों ने महावितरण कार्यालय के सामने आंदोलन किया था। आंदोलनकारियों का आरोप था कि संबंधित अधिकारियों की लापरवाही के कारण नागरिकों को पूरी रात अंधेरे में रहना पड़ा। इस आंदोलन में विभिन्न राजनीतिक दलों के स्थानीय पदाधिकारी और नेता शामिल हुए थे।
आंदोलन के बाद संबंधित अधिकारी के खिलाफ वरिष्ठ अधिकारियों के पास शिकायत किए जाने की जानकारी आंदोलनकारियों ने दी थी। आंदोलन के बाद सहायक अभियंता राहुल नाखले ने कुछ आंदोलनकारियों के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग करने वाला आवेदन दिया था, ऐसा दावा आंदोलनकारियों ने किया है।
साथ ही यह आवेदन बिटरगांव पुलिस स्टेशन के थानेदार पांडुरंग शिंदे ने स्वीकार नहीं किया, ऐसा भी उनका कहना है। इस बीच 16 जुलाई को शहर बंद कर मोर्चा निकाला गया था और संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्यकारी अभियंता को ज्ञापन सौंपा गया था। इसके बाद 18 जुलाई को सहायक अभियंता राहुल नाखले का पुसद तबादला कर दिया गया।
इसके बाद आंदोलन से जुड़े नेता कृषि उत्पन्न बाजार समिति के पूर्व सभापति बालू पाटील चंद्रे, मनसे तालुकाध्यक्ष सादिक शेख, कांग्रेस शहराध्यक्ष गजानन मिटकरी, भाजपा शहराध्यक्ष तथा नगरसेवक बालाभाऊ योगेवार, युवा सेना तालुकाध्यक्ष संभाजी गोरटकर, पूर्व प्रहार तालुकाध्यक्ष सय्यद, वंचित बहुजन आघाड़ी तालुकाध्यक्ष संबोधी गायकवाड़, प्रशांत विनकरे सहित अन्य नेताओं ने महावितरण द्वारा आंदोलन की दखल लेने पर संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों की कार्रवाई का स्वागत किया है।
मनसे तहसील अध्यक्ष सादिक शेख ने कहा कि ८ संपूर्ण ढाणकी शहर सहित आसपास के नागरिक बिजली की समस्या से परेशान थे। अपनी समस्या लेकर उठाई गई आवाज को दबाने के लिए जिस अधिकारी ने जाति का मुद्दा उठाने का प्रयास किया तथा अपने कर्तव्य पर ध्यान न देते हुए हम करें सो कायदा" की तरह व्यवहार किया, ऐसे अधिकारी के खिलाफ महावितरण के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई सराहनीय है। वर्तमान शासन व्यवस्था में नागरिकों की मांगों का वरिष्ठ अधिकारियों ने संज्ञान लिया, इसके लिए ढाणकीवासियों सहित क्षेत्र के नागरिकों में खुशी का माहौल है।