यवतमाल में जिलाधिकारी बैठक (सौजन्य-नवभारत)
NHAI Delhi Toll Rules: यवतमाल जिले के दारव्हा–कारंजा रोड पर स्थित भांडेगांव टोल नाका बंद करने की मांग को लेकर 11 मार्च को नागरिकों द्वारा टोल नाका तोड़फोड़ आंदोलन किया गया था। इस आंदोलन को गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को यवतमाल में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि जब तक नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (दिल्ली)की ओर से आगे के निर्देश जारी नहीं होते, तब तक भांडेगांव टोल नाका बंद रखा जाएगा। इस संबंध में यवतमाल के जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग को निर्देश भी दिए हैं। इस आंदोलन का नेतृत्व पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष राहुल ठाकरे ने किया था।
उनके नेतृत्व में महाविकास आघाड़ी और स्थानीय नागरिकों द्वारा चलाए गए जनआंदोलन को आखिरकार सफलता मिली और टोल नाका बंद करने का निर्णय लिया गया। स्थानीय नागरिकों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए आंदोलन में शामिल सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं का आभार व्यक्त किया है।
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दारव्हा तहसील के गणेशपुर गांव में एक घर में अचानक आग लगने से घरेलू उपयोग का सामान तथा नकदी जलकर राख हो गई। यह घटना गुरुवार 12 मार्च को सामने आई। मिली जानकारी के अनुसार गणेश गेमा राठोड़ (उम्र 57), निवासी गणेशपुर के घर में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि घर में रखा अधिकांश सामान जलकर खाक हो गया।
इस आग में रसोई और घर के उपयोग के बर्तन, अनाज, सोफा, दीवान, अलमारी, फ्रिज, एलईडी टीवी, मिक्सर, कपड़े, बच्चों का स्कूल का सामान और महत्वपूर्ण कागजात भी जल गए। अलमारी में रखी लगभग 23 हजार रुपये की नकदी भी आग की चपेट में आकर नष्ट हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही ग्राम पंचायत अधिकारी नरेंद्र गायकवाड और पटवारी भांडेकर मौके पर पहुंचे और पंचनामा किया। प्रारंभिक जांच में इस आग से भारी नुकसान होने का अनुमान लगाया गया है। हालांकि आग लगने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। इस घटना से गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल है। आग पीडित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।