किसानों को 31,628 करोड़ देने की घोषणा, महायुति सरकार का ऐतिहासिक निर्णय, प्रति हेक्टेयर इतनी मदद

Yavatmal News: इस साल जून से सितंबर तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में हुई भारी बारिश और प्राकृतिक आपदाओं के कारण हुए भारी नुकसान की भरपाई के लिए कुल 31,628 करोड़ रुपये की मदद की घोषणा की गई है।
Yavatmal News: इस साल जून से सितंबर तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में हुई भारी बारिश और प्राकृतिक आपदाओं के कारण हुए भारी नुकसान की भरपाई के लिए कुल 31,628 करोड़ रुपये की मदद की घोषणा की गई है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व नगराध्यक्ष तारेंद्र बोर्डे (सौजन्य-नवभारत)
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Yavatmal News: किसानों के लिए महायुति सरकार ने ऐतिहासिक आर्थिक मदद की घोषणा की है। इस वर्ष की खेती के मौसम में जून से सितंबर तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में हुई अत्यधिक बारिश और प्राकृतिक आपदाओं के कारण हुए भारी नुकसान की भरपाई के लिए कुल 31,628 करोड़ रुपये की मदद की घोषणा की गई है। इसमें वणी, झरी-जामणी और मारेगांव तालुके भी शामिल हैं।

यह जानकारी भाजपा के पूर्व विधायक संजीवरेड्डी बोदकुरवार ने आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व नगराध्यक्ष तारेंद्र बोर्डे, पूर्व जिला परिषद सदस्य विजय पिदूरकर, दिनकर पावडे, गजानन विधाते, शहर अध्यक्ष एड। निलेश चौधरी और नितीन वासेकर उपस्थित थे। पूर्व विधायक बोदकुरवार ने बताया कि किसानों के विभिन्न वर्गों के लिए हेक्टर निहाय सीधी आर्थिक मदद की व्यवस्था की गई है।

किसानों को प्रति हेक्टेयर मदद

सूखे किसानों को प्रति हेक्टर 18,500 रुपये, मौसमी बागायती किसानों को 27,000 रुपये, बागायती किसानों को 32,500 रुपये की मदद दी जाएगी। इसके लिए 65 मिमी बारिश की पूर्व शर्त रद्द कर दी गई है। मदद की सीमा 2 हेक्टेयर से बढ़ाकर 3 हेक्टेयर कर दी गई है। फसल बीमा लेने वाले 45 लाख किसानों को प्रति हेक्टेयर न्यूनतम 17,000 रुपये की अतिरिक्त मदद मिलेगी।

यदि पहाड़ी क्षेत्रों में भूमि फिसलती है, जमीन कटती है या नदी का मार्ग बदलने के कारण खेत बह जाते हैं, तो अल्पभूधारक किसानों को प्रति हेक्टेयर 47,000 रुपये की मदद दी जाएगी। प्राकृतिक आपदा से प्रभावित जमीन के लिए 18,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद दी जाएगी। घर और अन्य संपत्ति के नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत सीधी मदद दी जाएगी। क्षतिग्रस्त घरों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नए घर प्रदान किए जाएंगे। कपड़े, बर्तन, दुकान, झोपड़ी, गोठ आदि के नुकसान की भरपाई के लिए भी विस्तृत दरें तय की गई हैं।

प्रत्यक्ष भुगतान के अलावा कई प्रकार की मदद

किसानों के लिए अतिरिक्त राहत दी गई है। इसमें राजस्व में छूट, फसल ऋण का पुनर्गठन, एक वर्ष के लिए ऋण वसूली स्थगित, तिमाही बिजली बिल माफी, स्कूल और परीक्षा शुल्क माफी, रोहयो कार्यों में ढील, और कृषि पंप जोड़ने में कोई रोक नहीं रहेगी। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, किसानों और सामान्य जनता के साथ जुड़कर मदद का वर्षाव आगे भी जारी रहेगा। अब तक राज्य में किसी भी सरकार ने इतनी बड़ी मदद नहीं दी थी। महायुति सरकार के इस निर्णय से किसानों को राहत मिलने की जानकारी बोदकुरवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।

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