कृषि सामग्री चोरी की घटनाओं में वृद्धि, चोरों पर अंकुश नहीं लगा तो सड़कों पर उतरेंगे किसान

Swabhimani Shetkari Sanghatana: यवतमाल के पुसद और महागांव में कृषि सामग्री चोरी की घटनाओं में वृद्धि, किसानों में बढ़ा आक्रोश, स्वाभिमानी शेतकरी संगठन की सख्त कार्रवाई की मांग की।
कृषि सामग्री की चोरी की घटनाओं में वृद्धि
कृषि सामग्री की चोरी की घटनाओं में वृद्धि (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Yavatmal News: पिछले कुछ दिनों में पुसद और महागांव उपखंडों में किसानों की कृषि सामग्री की चोरी की घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इससे किसानों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। इसी पृष्ठभूमि में स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के प्रदेश प्रवक्ता मनीष जाधव ने मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री (गृहमंत्री) देवेंद्र फडणवीस को ज्ञापन भेजकर कृषि सामग्री की चोरी के मामलों में तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पिछले कुछ सप्ताहों से पुसद और महागांव क्षेत्रों में कुओं से बिजली के मोटर पंप, स्प्रिंकलर सेट, ट्रैक्टर की बैटरियां, पशु और मंदिरों की घंटियाँ जैसी विभिन्न वस्तुओं की चोरी की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। भारी वर्षा के कारण पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहे किसान अब इन चोरी की घटनाओं से और भी परेशान हो गए हैं। पिछले महीने काली (दौ) और बोरी (पूर्व) जैसे इलाकों से कई किसानों के मोटर पंप, बैटरियाँ और बैलगाड़ी के पहिए चोरी हुए हैं।

स्वाभिमानी शेतकरी संगठन की चेतावनी

हालांकि कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, फिर भी कई मामलों की जाँच अब तक लंबित है। संगठन का कहना है कि क्षेत्र में रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाई जानी चाहिए और नाबालिगों को चोरी के लिए उकसाने वाले गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। अन्यथा, किसानों को सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए विवश होना पड़ेगा, ऐसा मनीष जाधव ने चेतावनी देते हुए कहा।

चोरी की घटनाओं का पर्दाफाश

इस बीच, पुसद ग्रामीण पुलिस ने हाल ही में बोरी (पूर्व) इलाके में हुई कुछ चोरी की घटनाओं का पर्दाफाश किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दिग्रस क्षेत्र के कुछ सराय मालिक इन घटनाओं में शामिल पाए गए हैं। फिर भी काली (दौ) और आसपास के क्षेत्रों में चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं, जिससे किसान बेहद चिंतित हैं। स्वाभिमानी शेतकरी संगठन ने मांग की है कि किसानों की संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और ग्रामीण क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस तत्काल ठोस कदम उठाए।

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