
ढाणकी में केवल एक आधार केंद्र (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Public Trouble In Dhaanki: आधार कार्ड आज सरकारी व्यवस्थाओं और नागरिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। उमरखेड तहसील का बड़ा शहर ढाणकी इस व्यवस्था में पिछड़ता दिख रहा है, क्योंकि यहां केवल एक ही आधार सेवा केंद्र कार्यरत है। तकनीकी खराबी आने पर यह केंद्र बंद रहता है, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ढाणकी शहर और आसपास के कई गांवों की कुल जनसंख्या लगभग 25 हजार से अधिक है। इतनी बड़ी आबादी के लिए मात्र एक आधार केंद्र पर्याप्त नहीं है।
जब यह केंद्र बंद होता है, तो नागरिकों को अपने आधार से जुड़ी सेवाओं के लिए तालुका मुख्यालय तक जाना पड़ता है। वहां भी लंबी कतारों और समय की बर्बादी झेलनी पड़ती है। इससे नागरिकों का समय और धन दोनों नष्ट हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिस प्रकार सरकार ने आय प्रमाणपत्र, नॉन-क्रीमी लेयर और जाति प्रमाणपत्र जैसी सेवाओं के लिए नियमों में ढील देकर सुविधा केंद्रों की संख्या बढ़ाई है, उसी प्रकार आधार सेवाओं के लिए भी अतिरिक्त केंद्र शुरू किए जाने चाहिए।
वर्तमान समय में लगभग सभी सरकारी प्रक्रियाएं ऑनलाइन हो चुकी हैं। चाहे वह नौकरी के आवेदन हों या योजनाओं का लाभ लेना। ऐसे में आधार कार्ड का मोबाइल नंबर से लिंक होना अनिवार्य है। लेकिन ढाणकी में केवल एक केंद्र होने और उसके भी तकनीकी कारणों से बार-बार बंद रहने के चलते विद्यार्थियों और नागरिकों को आवेदन प्रक्रियाओं में कठिनाई हो रही है।
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नागरिकों का कहना है कि जब देश डिजिटल प्रगति की ओर अग्रसर है और सरकार नागरिकों को अधिकतम योजनाओं का लाभ आधार कार्ड के माध्यम से दे रही है, तब इस तरह की मूलभूत सुविधा का अभाव एक गंभीर समस्या है। प्रशासन से मांग की गई है कि ढाणकी में तुरंत अतिरिक्त आधार केंद्रों की स्थापना की जाए ताकि नागरिकों को राहत मिल सके।






