1 लाख 84 हजार किसानों को मिली अतिवृष्टि की मदद, अब तक 115 करोड रुपए सहायता राशि वितरित

Yavatmal District: जून से अगस्त 2025 की अवधि में अतिवृष्टि और बाढ़ के कारण जिले में कुल 2 लाख 10 हजार 976.58 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों को नुकसान हुआ, जिससे 2 लाख 13 हजार 722 किसान प्रभावित हुए।
1 लाख 84 हजार किसानों को मिली अतिवृष्टि की मदद
1 लाख 84 हजार किसानों को मिली अतिवृष्टि की मदद (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Yavatmal News: अतिवृष्टि और बाढ़ के कारण हुई कृषि हानि को लेकर किसानों को सहायता राशि का वितरण जिले में तेजी से किया जा रहा है। यदि किसी किसान को तकनीकी कारणों से अभी तक सहायता प्राप्त नहीं हुई है, तो संबंधित किसान भाइयों से अनुरोध है कि वे तुरंत अपने पटवारी या कृषि सहायक को आवश्यक जानकारी प्रदान करें, ऐसा आवाहन जिला प्रशासन की ओर से किया गया है। जून से अगस्त 2025 की अवधि में अतिवृष्टि और बाढ़ के कारण जिले में कुल 2 लाख 10 हजार 976.58 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों को नुकसान हुआ, जिससे 2 लाख 13 हजार 722 किसान प्रभावित हुए।

इस नुकसान की भरपाई के लिए शासन स्तर पर 23 सितंबर 2025 के शासन निर्णयानुसार 183 करोड़ 67 लाख 82 हजार रुपये की सहायता राशि मंजूर की गई है। ई-पंचनामा पोर्टल पर अब तक 1 लाख 84 हजार 661 प्रभावित किसानों की सूची अपलोड की जा चुकी है, जो कुल का 86 प्रतिशत है। इनमें से 1 लाख 45 हजार 395 किसानों के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रान्सफर (DBT) के माध्यम से 115 करोड़ 80 लाख 7 हजार रुपये की सहायता राशि जमा कर दी गई है।

अतिवृष्टि सहायता का वितरण का ग्राफ बढा

सितंबर 2025 में हुई अतिवृष्टि और बाढ़ के कारण 3 लाख 73 हजार 552.86 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को नुकसान पहुंचा, जिससे 2 लाख 58 हजार 868 किसान प्रभावित हुए। इस हेतु शासन स्तर पर 18 अक्टूबर 2025 के निर्णयानुसार 262 करोड़ 8 लाख 45 हजार रुपये की सहायता मंजूर की गई है। अब तक 1 लाख 69 हजार 744 किसानों की सूची ई-पंचनामा पोर्टल पर अपलोड की जा चुकी है, जो 78 प्रतिशत है। इनमें से 1 लाख 15 हजार 761 किसानों के खातों में DBT के माध्यम से 126 करोड़ 9 लाख 85 हजार रुपये जमा किए जा चुके हैं।

सहायता राशि अभी लंबित

जिन किसानों की सहायता राशि अभी लंबित है, उनके प्रकरणों में कारण यह पाया गया है कि मृत किसानों के वारिसों की सहमति पत्र प्राप्त नहीं हुई है, या प्रभावित किसानों ने अपने खाते की जानकारी तलाठी अथवा कृषि सहायक को उपलब्ध नहीं कराई है। अतः संबंधित किसान भाइयों से जिला प्रशासन की ओर से अपील की गई है कि वे तुरंत अपने पटवारी या कृषि सहायक को आवश्यक जानकारी प्रदान करें ताकि सहायता का लाभ शीघ्र प्राप्त हो सके।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com