

Sanjay Deshmukh Threatened By Shiv Sena UBT Workers: महाराष्ट्र की राजनीति में ऑपरेशन टाइगर की सुगबुगाहट ने अब एक हिंसक और बेहद आक्रामक मोड़ ले लिया है। उद्धव ठाकरे गुट के सांसदों के दलबदल की चर्चाओं के बीच कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा है। ताजा मामला वाशिम-यवतमाल लोकसभा क्षेत्र का है, जहां सांसद संजय देशमुख के शिंदे गुट में शामिल होने की अटकलों पर शिवसेना (यूबीटी) के स्थानीय पदाधिकारियों ने उन्हें जान से मारने और दहन करने जैसी गंभीर धमकियां दी हैं।
शिवसेना ठाकरे गुट के उप तहसील प्रमुख विजय शेंडगे ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए अत्यंत कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि संजय देशमुख को पार्टी छोड़नी है, तो उन्हें सबसे पहले अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए और उसके बाद ही वे शिंदे गुट में शामिल होने का विचार करें। उन्होंने चेतावनी दी कि जनादेश का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विजय शेंडगे का गुस्सा यहीं शांत नहीं हुआ। उन्होंने मीडिया के सामने बेहद आपत्तिजनक और डराने वाली भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि यदि संजय देशमुख गद्दारी करते हैं और शिंदे गुट में प्रवेश करते हैं, तो उन्हें उनकी गाड़ी के साथ ही जला दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनके कार्यालय को भी आग के हवाले कर दिया जाएगा। यह बयान उस आक्रोश को दर्शाता है जो इस समय ठाकरे गुट के जमीनी कार्यकर्ताओं के भीतर उबल रहा है।
कार्यकर्ताओं का तर्क है कि उन्होंने संजय देशमुख को जिताने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। शेंडगे ने भावुक और गुस्से भरे लहजे में कहा कि उन्होंने और अन्य शिवसैनिकों ने जी-तोड़ मेहनत करके देशमुख को संसद तक पहुंचाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आज वे उसी पार्टी और नेतृत्व के साथ गद्दारी करते हैं जिसने उन्हें पहचान दी, तो उन्हें इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। कार्यकर्ताओं ने दोटूक कहा है कि शिंदे गुट में जाने के बाद देशमुख वाशिम जिले में कदम न रखें।
पिछले कुछ दिनों के घटनाक्रम को देखें तो ठाकरे गुट के भीतर दो तरह की भावनाएं नजर आ रही हैं। जहां एक ओर दिल्ली में सांसद राजाभाऊ वाजे जैसे नेता अपनी वफादारी दिखाते हुए भावुक होकर रो पड़े, वहीं वाशिम जैसे क्षेत्रों में कार्यकर्ता अब सीधे संघर्ष और हिंसा की चेतावनी दे रहे हैं। प्रियंका चतुर्वेदी ने जहां इसे ऑपरेशन ट्रेटर कहा और संजय राउत ने भाजपा पर पार्टी तोड़ने के नशे का आरोप लगाया, वहीं जमीनी स्तर पर यह लड़ाई अब निजी दुश्मनी और धमकियों तक पहुँच गई है।
अब देखना यह होगा कि संजय देशमुख इन धमकियों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और क्या ऑपरेशन टाइगर सच में सफल होता है या फिर गद्दारी के आरोपों के बीच यह ठाकरे की सेना बिखरने से बच जाती है। फिलहाल, वाशिम में तनाव का माहौल बना हुआ है।