'शादी किसी के साथ, फिर भागना किसी और के साथ...'; दलबदल की राजनीति पर भड़के रोहित पवार, बताया हर सांसद का रेट

Rohit Pawar 85 Crore MP Allegation: दलबदल की राजनीति पर भड़के रोहित पवार, राजनीति की तुलना 'शादी और भागने' से करते हुए इसे 'ऑपरेशन बाजार' बताया। पूछा- क्या एक सांसद का रेट 85 करोड़ है?
rohit pawar on operation tiger calls it operation bazar alleges 85 crore per mp
राहित पवार (सोर्स: फाइल फोटो)
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Rohit Pawar On Operation Tiger: महाराष्ट्र की राजनीति में ऑपरेशन टाइगर की सुगबुगाहट ने विपक्षी खेमे में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। शिवसेना ठाकरे गुट के नेताओं के बाद अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार) के युवा और फायरब्रांड नेता रोहित पवार ने दलबदल की इस राजनीति पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने दलबदलुओं की तुलना एक ऐसे व्यक्ति से की है जो शादी तो किसी और से करता है, लेकिन भाग किसी और के साथ जाता है। रोहित पवार का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और सियासी गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।

राजनीतिक व्यभिचार' और तानाशाही का संकेत

रोहित पवार ने इस पूरे घटनाक्रम को अत्यंत घृणित करार देते हुए कहा कि यह राजनीतिक व्यभिचार के अलावा और कुछ नहीं है। उन्होंने एक तीखी उपमा देते हुए कहा, शादी किसी एक के साथ करना और फिर किसी और का हाथ पकड़कर भाग जाना... यह इस बात का स्पष्ट लक्षण है कि देश में संविधान और लोकतंत्र को मरोड़कर अब तानाशाही की ओर कदम बढ़ाए जा रहे हैं। उनके अनुसार, जनता के विश्वास के साथ इस तरह का खिलवाड़ करना लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर कर रहा है।

ऑपरेशन टाइगर नहीं, यह ऑपरेशन बाजार है

पवार ने इस के लिए इस्तेमाल किए जा रहे नाम ऑपरेशन टाइगर पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इसे टाइगर नहीं बल्कि ऑपरेशन बाजार कहना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यह बाजार आखिर किस चीज का है औकात का, इंसानों का या फिर विचारों का? यह फैसला अब जनता को ही करना होगा।

इतना ही नहीं, रोहित पवार ने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए पूछा कि क्या एक-एक सांसद का रेट 85 करोड़ रुपये है?। उन्होंने सत्ता पक्ष की ओर इशारा करते हुए पूछा कि आखिर संबंधित पार्टियों के पास सांसदों को खरीदने के लिए इतना पैसा आता कहां से है?। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, आम आदमी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस जैसी पार्टियों को तोड़ने का यह सिलसिला यूं ही चलता रहा, तो एक दिन जनता सड़कों पर उतरेगी और भागने वालों के साथ-साथ भगा ले जाने वालों को भी सबक सिखाएगी।

जनता के असल मुद्दों की अनदेखी

पवार ने इस बात पर गहरा दुख व्यक्त किया कि जब आम आदमी भीषण संकटों से जूझ रहा है, तब नेताओं का ध्यान केवल सत्ता के समीकरणों पर है। उन्होंने याद दिलाया कि आज राज्य पर सूखे का संकट मंडरा रहा है, लोगों के पास पीने और खेती के लिए पानी नहीं है, फसलों को उचित भाव नहीं मिल रहा और बेरोजगारी चरम पर है। उन्होंने कहा कि मध्यम वर्ग के पास ईएमआई भरने तक के पैसे नहीं हैं, लेकिन इन बुनियादी समस्याओं पर कोई चर्चा करने को तैयार नहीं है।

रोहित पवार का यह तीखा हमला दर्शाता है कि ऑपरेशन टाइगर की अटकलों ने न केवल ठाकरे गुट बल्कि पूरे विपक्षी गठबंधन को एकजुट और हमलावर कर दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह ऑपरेशन बाजार सच में सफल होता है या जनता का आक्रोश दलबदल की इस राजनीति पर विराम लगाता है।

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