

Priyanka Chaturvedi Challenges Rebel MPs: महाराष्ट्र की सियासत में इस समय ऑपरेशन टाइगर को लेकर दावों और प्रतिदावों का दौर जारी है। उद्धव ठाकरे गुट के भीतर मची इस हलचल ने दिल्ली से लेकर मुंबई तक सियासी पारा चढ़ा दिया है। जहां एक ओर सांसद राजाभाऊ वाजे की आंखों से छलकते आंसुओं ने शिवसैनिकों को भावुक कर दिया और संजय राउत ने भाजपा को पार्टी तोड़ने का नशा होने की बात कही, वहीं अब शिवसेना की फायरब्रांड नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने इस पूरे मामले पर बेहद आक्रामक रुख अख्तियार किया है। उन्होंने इस तथाकथित ऑपरेशन को टाइगर का नाम दिए जाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे ऑपरेशन ट्रेटर करार दिया है।
मुंबई में मीडिया से बात करते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें छह सांसदों के टूटने की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा, अब तक पार्टी के किसी भी सांसद ने सामने आकर यह नहीं कहा है कि वे दूसरी पार्टी में शामिल होना चाहते हैं। यह तथाकथित ऑपरेशन टाइगर, जिसे मैं टाइगर नहीं बल्कि ट्रेटर कहूंगी, बिना किसी तथ्यात्मक आधार के चर्चा में बना हुआ है। उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि जिन सांसदों के नाम लिए जा रहे हैं, उनमें से किसी ने भी ऐसा कोई बयान नहीं दिया है।
प्रियंका चतुर्वेदी ने मीडिया में चल रही खबरों की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि एक सांसद दिल्ली में किसी से मुलाकात कर रहे हैं, जबकि हकीकत में वह सांसद उस वक्त मुंबई में ही मौजूद थे। प्रियंका ने कहा, जब इन खबरों में कोई सच्चाई या तथ्यात्मक आधार ही नहीं है, तो मैं इस पर क्या टिप्पणी कर सकती हूं? मुझे आश्चर्य है कि इस तरह की कहानियां गढ़ी जा रही हैं।
बागी होने की अटकलों के बीच प्रियंका ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि अगर इन खबरों में जरा भी सच्चाई है और किसी को पार्टी से कोई समस्या है, तो उन्हें नैतिकता दिखानी चाहिए। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, अगर किसी को पार्टी से दिक्कत है, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए और दोबारा चुनाव लड़कर जीत कर आना चाहिए। उन्हें जनता के जनादेश को अमान्य या अपमानित नहीं करना चाहिए।
ऑपरेशन टाइगर की बातों के बीच प्रियंका चतुर्वेदी का पहले यह कहना कि ये सब केवल अफवाह है, फिर अचानक यह कहना कि अगर ये सच है तो इस्तीफा देकर फिर चुनाव लड़ें, यह इस बात को सिद्ध करता है कि ठाकरे गुट में अभी यह बिल्कुल भी साफ नहीं है कि 6 सांसद ठाकरे की सेना छोड़ कर जा रहे हैं या नहीं। अभी भी ऑपरेशन टाइगर की पिक्चर क्लियर नहीं है, अब यह समय ही तय करेगा कि क्या ऑपरेशन टाइगर होता है या ऑल इज वेल होता है।