Telecom Committee Meeting: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के प्रत्येक नागरिक को निर्बाध मोबाइल नेटवर्क एवं इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें तथा जारी निर्देशों का तत्काल पालन सुनिश्चित करें। यह निर्देश जिलाधिकारी योगेश कुंभेजकर ने दिए। वे जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित जिला स्तरीय दूरसंचार समिति डीएलटीसी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
बैठक में निवासी उपजिलाधिकारी विश्वनाथ घुगे, नगर प्रशासन सहआयुक्त बाबुराव बिक्कड, उपप्रादेशिक परिवहन अधिकारी संग्राम जगताप, नगर परिषद मुख्याधिकारी नीलेश गायकवाड, जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी जयेश खंडारे, जिला परियोजना प्रबंधक राहुल काकड़, भारत संचार निगम लिमिटेड बीएसएनएल अकोला एवं वाशिम के अधिकारी, विभिन्न दूरसंचार कंपनियों के प्रतिनिधि तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में कॉल बिफोर यू डिग CBuD ऑनलाइन सूचना प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने कहा कि जिले की सभी सरकारी एजेंसियों द्वारा इस प्रणाली का प्रभावी उपयोग किया जाना आवश्यक है। वर्तमान में इसका अपेक्षित स्तर पर उपयोग नहीं हो रहा है, जिससे विभिन्न कार्यों में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं।
इसे देखते हुए उन्होंने अगले सप्ताह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। बैठक में मोबाइल नेटवर्क कवरेज, भारतनेट परियोजना, बीएसएनएल 4जी सैचुरेशन परियोजना, एयरटेल आकांक्षी गांव परियोजना, राइट ऑफ वे RoW, CBuD प्रणाली तथा संचार साथी अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई।
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बैठक में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार जिले के 780 गांव मोबाइल नेटवर्क कवरेज के दायरे में आ चुके हैं। जिले में कुल 2,134 बीटीएस बेस ट्रांसीवर स्टेशन कार्यरत हैं, जिनमें 348 बीटीएस 2जी, 1,482 बीटीएस 4जी तथा 304 बीटीएस 5जी तकनीक के हैं। इसके अलावा जिले में 580 मोबाइल टावर संचालित हो रहे हैं।