36 करोड़ खर्च किए फिर भी कई गांवों में जल संकट, वर्धा में 906 उपाययोजनाएं कागजों पर मंजूर
Wardha Water Crisis: वर्धा जिले में जुलाई शुरू होने के बाद भी केवल 132.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है। जिला प्रशासन द्वारा जलसंकट से निपटने के लिए 36.43 करोड़ रुपये की 906 उपाययोजनाएं प्रस्तावित की गई ह।
- Written By: केतकी मोडक
जल संकट प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मीडिया)
Wardha Rural Water Supply Department: वर्धा जिले में अब तक केवल 132.2 मिमी बारिश हुई है। इसमें भी अधिकांश हिस्सों में बारिश नहीं होने के कारण जलसंकट और गहराता जा रहा है। ऐसी स्थिति में जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे उपाययोजना के कार्य अत्यंत कछुआ गति से चल रहे हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, जिला परिषद ग्रामीण जलापूर्ति विभाग द्वारा उपाययोजना के कार्य तेजी से किए जाने का दावा किया जा रहा है।
विभाग द्वारा बताया गया कि जिले में 92 निजी कुओं का अधिग्रहण कर वहां से जलापूर्ति शुरू कर दी गई है। इसके अलावा, 100 सार्वजनिक कुओं के गहरीकरण एवं गाद निकासी कार्यों को प्रशासनिक मंजूरी प्रदान की गई है। वर्ष 2025-26 में 777 गांवों में जलसंकट की स्थिति से निपटने के लिए कुल 906 उपाययोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। इन कार्यों पर लगभग 36 करोड़ 43 लाख 40 हजार रुपये खर्च होने का अनुमान है।
जलापूर्ति सुधार के कार्य धीमी गति से
नल जलापूर्ति विशेष मरम्मत योजना के अंतर्गत 275 गांवों के प्रस्ताव जिला प्रशासन को भेजे गए थे। इनमें से 268 गांवों को प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है। सभी स्वीकृत गांवों में निविदा (टेंडर) प्रक्रिया पूरी कर कार्यारंभ आदेश (वर्क ऑर्डर) जारी कर दिए गए हैं, परंतु इसके बावजूद अधिकांश जगहों पर कार्य बहुत धीमी गति से चल रहे हैं। वहीं, सार्वजनिक कुओं के गहरीकरण और गाद निकालने की योजना के अंतर्गत स्वीकृत 100 कार्यों की भी निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
सम्बंधित ख़बरें
Pune Airport Metro कॉरिडोर को अंतिम मंजूरी, कल्याणीनगर से मिलेगी सीधी मेट्रो कनेक्टिविटी
किसानों को न्याय दो…यवतमाल विधायक ने मुंबई विधानभवन की सीढ़ियों पर किया आंदोलन
इससे समानता के अधिकार का उल्लंघन नहीं होता- सिख समाज को हेलमेट से मिली कानूनी छूट पर नागपुर हाई कोर्ट की मुहर
खाकी पर दाग: चार्जशीट की कॉपी के बदले रिश्वत लेते पकड़ा गया हेड कांस्टेबल; गणेशपेठ बस स्टैंड पर ACB का जाल
आष्टी, आर्वी व कारंजा में स्थिति गंभीर
ग्रामीण जलापूर्ति विभाग ने वर्धा जिले के एक भी गांव में टैंकर से जलापूर्ति करने की नौबत न आने का दावा किया है। परंतु वास्तविकता यह है कि आष्टी, आर्वी व कारंजा तहसील के कुछ गांवों में स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। इस क्षेत्र में सार्वजनिक कुएं लगातार सूख रहे हैं।
पानी की कमी के कारण खेतों में स्थित कुओं से ग्रामीण बैलगाड़ी की मदद से पीने का पानी लाने को मजबूर हैं। जुलाई माह आरंभ हो चुका है, परंतु अब तक जिले में दमदार बारिश नहीं हुई है। यदि इस वर्ष पर्याप्त बारिश नहीं हुई, तो भविष्य में और गंभीर स्थिति पैदा होने का डर है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा तुरंत ठोस कदम उठाना आवश्यक है।
यह भी पढ़ें:- Maharashtra Weather: आज पूरे राज्य में सक्रिय होगा मानसून, घर से निकलने से पहले जानें मौसम का मिजाज
नई बोरवेल के 86 कामों को मिली मंजूरी
इसके अलावा, अस्थायी पूरक जलापूर्ति योजना के तहत एक गांव के प्रस्ताव को मंजूरी देकर कार्य शुरू कर दिया गया है। वहीं, नई बोरवेल निर्माण योजना के अंतर्गत 72 गांवों के प्रस्ताव प्रशासन को भेजे गए थे, जिनमें से अब तक 86 कार्यों को मंजूरी मिल चुकी है। इनमें से कुछ कार्य शुरू कर दिए गए हैं, जबकि अनेक कार्य अभी भी शेष बताए गए हैं।
