वर्धा: स्कूल बंद कर सड़कों पर उतरे शिक्षक, गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति की मांग
Wardha Teacher Rally: वर्धा में महाराष्ट्र के विभिन्न शिक्षक संगठनों ने लंबित मांगों को लेकर विशाल मोर्चा निकाला। शिक्षकों ने गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
- Written By: आंचल लोखंडे
BLO Duty Teachers (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Wardha Teachers Protest: महाराष्ट्र राज्य प्राथमिक शिक्षक समिति के नेतृत्व में जिले के विभिन्न शिक्षक संगठनों ने गुरुवार को अपनी लंबित मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पर विशाल मोर्चा निकाला। उल्लेखनिय यह कि, शिक्षकों ने स्कूल बंद आंदोलन कर मोर्चे में हिस्सा लिया था। मोर्चे की शुरुआत शहर के छत्रपति शिवाजी महाराज प्रतिमा परिसर से हुई। यहां बड़ी संख्या में शिक्षक एकत्र हुए और मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए शहर के प्रमुख मार्गों से रैली निकालते हुए जिला मुख्यालय पहुंचे।
वहां प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग की। शिक्षक संगठनों ने कहा कि राज्य के प्राथमिक शिक्षकों से लंबे समय से अनेक गैर-शैक्षणिक कार्य कराए जा रहे हैं। जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शिक्षकों का कहना है कि उन्हें मुख्यतः अध्यापन कार्य तक सीमित रखा जाए तथा अन्य विभागों के कार्यों से मुक्त किया जाए।
टीईटी, पदोन्नति और भर्ती सहित कई मांगें उठीं
मोर्चे के माध्यम से शिक्षकों ने टीईटी उत्तीर्ण एवं अनुत्तीर्ण शिक्षकों के सेवा संरक्षण, एमआरपी शिक्षकों के संबंध में उचित निर्णय, बीएलओ सहित अन्य गैर-शैक्षणिक कार्यों से राहत, रिक्त पदों पर नियमित भर्ती, पदोन्नति प्रक्रिया में तेजी, सेवा ज्येष्ठता से जुड़े मुद्दों का समाधान तथा अन्य लंबित प्रशासनिक एवं सेवा संबंधी मांगों को प्रमुखता से उठाया।
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शिक्षक नेताओं ने कहा कि राज्यभर के शिक्षक लंबे समय से इन समस्याओं का सामना कर रहे हैं। लेकिन बार-बार निवेदन करने के बावजूद समाधान नहीं हो रहा है। इसके कारण शिक्षकों में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए शिक्षकों की व्यावहारिक समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए। मोर्चे में जिले के विभिन्न तहसील से बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए। मोर्चे के दौरान शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखा गया।
इन संगठनों ने लिया आंदोलन में हिस्सा
आंदोलन में महाराष्ट्र राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ, महाराष्ट्र राज्य प्राथमिक शिक्षक समिति, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय मुख्याध्यापक संघ, विदर्भमाध्यमिक शिक्षक संघ, महाराष्ट्र राज्य शिक्षक परिषद, केंद्र प्रमुख शिक्षक संघ (वर्धा), निजी प्राथमिक शिक्षक संघ, महाराष्ट्र राज्य पुरानी पेंशन संगठन, प्रहार शिक्षक संगठन, कास्ट्राइब शिक्षक संगठन, स्वतंत्र समता शिक्षक संघ, शिक्षक भारती संगठन, विदर्भ जूनियर कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन, अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ तथा दिव्यांग कल्याण शिक्षक संगठन सहित अनेक शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए।
और तेज किया जाएगा राज्यव्यापी आंदोलन
जिला प्रशासन परिसर में हुई सभा में शिक्षक प्रतिनिधियों ने सरकार से चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया। तो राज्यव्यापी आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। शिक्षक संगठनों ने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार विद्यार्थियों और शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी तथा शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त समस्याओं का समाधान करेगी।
